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पातालकोट एक्सप्रेस के पेंट्रीकार मैनेजर पर हमला:झांसी-डबरा स्टेशन से ट्रेन में चढ़े अवैध वेंडर को खाने के पर्चे डालने से रोक रहा था

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पातालकोट एक्सप्रेस के पेंट्रीकार मैनेजर पर हमला:झांसी-डबरा स्टेशन से ट्रेन में चढ़े अवैध वेंडर को खाने के पर्चे डालने से रोक रहा था

झांसी मंडल में ट्रेनों में अवैध वेंडिंग करने वालों की मनमानी अब मारपीट तक पहुंच गई है। पातालकोट एक्सप्रेस में एसी कोच की सीटों पर खाने के पर्चे डाल रहे एक युवक को जब पेंट्रीकार मैनेजर ने टोका तो उसने धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में मैनेजर का सिर फट गया और वह लहूलुहान हो गया।

घटना शुक्रवार की बताई जा रही है, जिसका वीडियो शनिवार को सामने आया। मामले की शिकायत झांसी आरपीएफ से की गई है। उधर, ट्रेनों में खाने के पर्चे बांटने वाले अवैध वेंडरों के खिलाफ एक यात्री ने भी शिकायत की है। पहले 2 तस्वीर देखिए… खाने के पर्चे डालने से रोका तो कर दिया हमला पेंट्रीकार मैनेजर के साथी दुष्यंत सिंह ने बताया कि शुक्रवार को ट्रेन नंबर 20424 फिरोजपुर कैंट-शिवनी पातालकोट एक्सप्रेस झांसी की ओर आ रही थी।

डबरा से एक युवक ट्रेन के एसी कोच में चढ़ा और सीटों पर खाना ऑर्डर करने के लिए पर्चे डालने लगा। पेंट्रीकार मैनेजर ने युवक से पूछा कि वह किस अधिकार से खाने के पर्चे बांट रहा है। आरोप है कि इस पर युवक ने मैनेजर के साथ मारपीट शुरू कर दी और धारदार हथियार से उनके सिर पर हमला कर दिया। इससे मैनेजर लहूलुहान हो गए।

घटना की जानकारी मिलने पर पेंट्रीकार के दूसरे वेंडरों ने आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन डबरा से झांसी स्टेशन तक उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद मामले की शिकायत झांसी आरपीएफ से की गई। झांसी स्टेशन से ट्रेनों में चढ़ रहे पर्चे बांटने वाले ट्रेनों में अवैध वेंडिंग को लेकर एक अन्य यात्री ने भी रेलवे और आरपीएफ से शिकायत की है।

यात्री ने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें एक युवक झांसी स्टेशन पर खड़ी ट्रेन की सीटों पर खाने के पर्चे डालता नजर आ रहा है। यात्री का आरोप है कि युवक के पास रेलवे का अधिकृत पहचान पत्र नहीं है और न ही वह आईआरसीटीसी का अधिकृत वेंडर है। यात्री ने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

यात्रियों को सस्ते खाने का लालच, पर्चों पर नहीं होता पता ट्रेनों में अवैध तरीके से खानपान बेचने वाले लोग लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटों पर खाने के मेन्यू वाले पर्चे डाल रहे हैं। यात्री अक्सर इन्हें अधिकृत वेंडर का मेन्यू समझकर भरोसा कर लेते हैं। इसके बाद पर्चों पर दिए गए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज करके खाना ऑर्डर कर देते हैं।

आरोप है कि इन पर्चों पर रेस्टोरेंट या किचन का सही पता नहीं है। ऐसे में खाना खराब निकलने या उसे खाने से तबीयत बिगड़ने पर संबंधित विक्रेता तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। झांसी से इटारसी तक फैला नेटवर्क अवैध वेंडिंग का यह नेटवर्क झांसी-मुंबई रेल रूट पर सक्रिय है। पेंट्रीकार मैनेजर का आरोप है कि ग्वालियर, झांसी, ललितपुर, बीना, भोपाल और इटारसी में यात्रियों को पर्चों के जरिए खाना उपलब्ध कराया जा रहा है।

पर्चों पर रेस्टोरेंट या किचन का स्पष्ट पता नहीं होने से यात्रियों के लिए विक्रेता की पहचान करना मुश्किल होता है। 100 से 170 रुपए तक के मेन्यू से लुभाते हैं पर्चों पर 100 से 170 रुपए तक के खाने के विकल्प दिए जा रहे हैं। इनमें वेज और नॉनवेज दोनों तरह के भोजन का जिक्र है। कम कीमत में कई व्यंजनों का विकल्प देखकर यात्री ऑर्डर कर दे रहे हैं।

लेकिन विक्रेता की पहचान और खाने की गुणवत्ता की पुष्टि नहीं होने से यात्रियों की सेहत पर खतरा बन रहा है। आरपीएफ से की गई शिकायत पातालकोट एक्सप्रेस के पेंट्रीकार मैनेजर पर हमले के मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए झांसी आरपीएफ से शिकायत की गई है। आरपीएफ के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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