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पति को सांप से डसवाने वाली रविता को सजा आज:मां बोली- हत्यारी बहू को फांसी हो, मेरठ में प्रेमी के साथ मिलकर सोते वक्त गला घोटा था

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पति को सांप से डसवाने वाली रविता को सजा आज:मां बोली- हत्यारी बहू को फांसी हो, मेरठ में प्रेमी के साथ मिलकर सोते वक्त गला घोटा था

मेरठ में 18 महीने पहले पति की हत्या कर सांप से डसवाने वाली रविता को आज सजा सुनाई जाएगी। उसके प्रेमी अमरदीप की सजा का भी ऐलान होगा। दोनों को मुस्कान की तरह फांसी की सजा मिलेगी या उम्रकैद होगी, इस पर सभी की नजर है। 17 अप्रैल, 2025 की रात रविता ने प्रेमी के साथ मिलकर पति अमित कश्यप को गला घोटकर मार डाला था।

इसके बाद इसे सांप डसने से हुई मौत दिखाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ दिया था। अमित की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला घोटकर हत्या करने की बात सामने आई थी। सपेरों ने भी बताया कि बिस्तर पर मिला सांप घोड़ा बछाड़ था, जिसके दांत भी नहीं थे। उसके डसने से मौत नहीं हो सकती। हत्या के 60 दिन बाद कोर्ट में पुलिस ने केस की चार्जशीट दाखिल कर दी थी।

इसके बाद एसीजेएम-12 जयवीर सिंह नागर की कोर्ट में 551 दिन में 87 तारीखें और 12 से ज्यादा गवाहों के बयान हुए। 7 अक्टूबर को कोर्ट ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया था। लंच के बाद हो सकती है सजा, कोर्ट में पेश होंगे रविता-अमरदीप रविता और अमरदीप को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

लंच से पहले बहस होगी। इस दौरान दोनों दोषी कोर्ट रूम में मौजूद रहेंगे। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी फरजाना मकसूद, रविता-अमरदीप के वकील ओंकार सिंह भाटी और मृतक अमित के वकील अपनी दलीलें रखेंगे। बहस करीब एक घंटे चल सकती है। इस दौरान जज रविता और अमरदीप से भी सवाल पूछ सकते हैं। अभियोजन पक्ष मृत्युदंड की मांग करेगा, जबकि बचाव पक्ष रविता और अमरदीप के हक में दलीलें देगा।

इसके बाद जज जयवीर सिंह नागर सजा सुना सकते हैं। जेल में रविता-अमरदीप की काउंसिलिंग हुई जेल में रविता और अमरदीप का व्यवहार सामान्य है। दोनों समय पर खाना खा रहे हैं, सो रहे हैं। जेल के नियमों का पालन कर रहे हैं। रविता जेल में खाना बनाने और सफाई का काम करती है। वह मेहंदी लगाने में भी माहिर है।

पिछले दिनों हरियाली तीज पर जेल में आयोजित मेहंदी लगाओ प्रतियोगिता में उसने पहला पुरस्कार जीता था। वहीं, अमरदीप जेल में खेल के सामान बनाने का काम करता था। दोनों को जब मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के बारे में पता चला, तो वे थोड़े परेशान हुए। लेकिन, बाद में सामान्य हो गए।

हालांकि, जेल प्रशासन ने दोनों की निगरानी बढ़ा दी है। उनकी काउंसिलिंग कराई गई, जिसमें मानसिक स्थिति सामान्य मिली। अमित की मां बोली- हत्यार

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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