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पति और ससुर ने किया था रेखा का कत्ल, काली नदी में फेंकी थी लाश; हत्या की वजह चौंकाने वाली

लेखक: admin अंतिम अपडेट: 14 अगस्त 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पति और ससुर ने किया था रेखा का कत्ल, काली नदी में फेंकी थी लाश; हत्या की वजह चौंकाने वाली

अलीगढ़ के गंगीरी क्षेत्र के तेहरा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 35 वर्षीय रेखा देवी की उनके पति और ससुर द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना तब प्रकाश में आई जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पता चला कि रेखा देवी लापता नहीं थी, बल्कि उसकी हत्या कर दी गई थी।

रेखा देवी के परिवार ने पहले पुलिस को सूचित किया था कि वह लापता हो गई है, लेकिन जैसे ही पुलिस ने जांच शुरू की, उन्हें पता चला कि रेखा देवी के पति और ससुर के बीच कुछ अनहोनी हुई थी। पुलिस ने जब गहराई से जांच की, तो उन्हें रेखा देवी का शव मिला, जो उसके घर के पास ही छुपाया गया था।

इस मामले में पुलिस ने रेखा देवी के पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस के अनुसार, रेखा देवी के पति और ससुर ने उसकी हत्या की वजह से घरेलू विवाद बताया है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह घटना अलीगढ़ के गंगीरी क्षेत्र में घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों को उजागर करती है।

रेखा देवी के परिवार ने पुलिस को बताया कि वह अपने पति और ससुर के साथ रहती थी, लेकिन पारिवारिक विवाद के कारण अक्सर झगड़ा होता था। परिवार के अनुसार, रेखा देवी के पति और ससुर ने उसके साथ बहुत बुरा व्यवहार किया और एक दिन उन्होंने उसकी हत्या कर दी। यह घटना पूरे गांव में सदमे का कारण बन गई है।

इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि रेखा देवी के पति और ससुर ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।

इस घटना के बाद, अलीगढ़ के गंगीरी क्षेत्र में घरेलू हिंसा के मामलों पर चर्चा शुरू हो गई है। महिला संगठनों और स्थानीय नेताओं ने इस घटना की निंदा की है और घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि घरेलू हिंसा के मामलों में सख्त कानून बनाए जाएं और पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा प्रदान की जाए।

इस मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू हिंसा के मामले अक्सर इसलिए सामने नहीं आते क्योंकि पीड़ित महिलाएं अपने परिवार की इज्जत और सामाजिक दबाव के कारण आवाज नहीं उठा पातीं। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज को मिलकर घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता फैलानी चाहिए और पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा और न्याय दिलाने के लिए काम करना चाहिए।

इस घटना के बाद, अलीगढ़ पुलिस ने घरेलू हिंसा के मामलों में सख्ती से निपटने का फैसला किया है। पुलिस ने कहा है कि वह घरेलू हिंसा के मामलों में तुरंत कार्रवाई करेगी और पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घरेलू हिंसा के मामलों में पुलिस को सूचित करें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

इस घटना का व्यापक संदर्भ यह है कि घरेलू हिंसा के मामले पूरे देश में बढ़ रहे हैं और सरकार को इस पर सख्ती से निपटने की जरूरत है। घरेलू हिंसा के मामलों में महिलाएं अक्सर पीड़ित होती हैं और उन्हें सुरक्षा और न्याय दिलाने के लिए सरकार और समाज को मिलकर काम करना चाहिए। यह घटना हमें घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता फैलाने और पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने की जरूरत की याद दिलाती है।

इस घटना के बाद, अलीगढ़ पुलिस और सरकार को घरेलू हिंसा के मामलों में सख्ती से निपटने की जरूरत है। सरकार को घरेलू हिंसा के मामलों में सख्त कानून बनाने चाहिए और पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। यह घटना हमें घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता फैलाने और पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने की जरूरत की याद दिलाती है। स्रोत: Amar Ujala

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