अपराध

पेंशनरों को साइबर ठगी से बचाव का पाठ

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पेंशनरों को साइबर ठगी से बचाव का पाठ

साइबर सुरक्षित राजस्थान अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस ने पेंशनरों और वृद्धजनों को साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए। पुलिस ने अनजान लिंक पर क्लिक न करने और OTP व बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा नहीं करने की सलाह दी।

धौलपुर, 30 सितंबर। साइबर सुरक्षित राजस्थान अभियान के तहत धौलपुर साइबर थाना पुलिस की ओर से कोषाधिकारी कार्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस ने पेंशनरों एवं वृद्धजनों को बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचने के जरूरी उपायों की जानकारी दी।

पुलिस ने लोगों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के भेजे गए लिंक पर क्लिक नहीं करें और फोन पर मांगे जाने पर अपना OTP, बैंक खाता, ATM या अन्य बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें। पुलिस ने साइबर ठगों द्वारा अपनाए जाने वाले विभिन्न तरीकों से भी लोगों को सावधान किया।

अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड नहीं करने की भी सलाह दी गई।

पुलिस ने पेंशनरों और वृद्धजनों से सतर्क रहने तथा साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने की अपील की। अभियान का उद्देश्य आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित बनाना है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।