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पेपर चुराया, फोटो खींची और 6 मिनट में लीक:146 दिन में 3 बड़े एग्जाम कैंसिल; बिहार में भर्ती परीक्षा का सिस्टम फेल क्यों?

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 24 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पेपर चुराया, फोटो खींची और 6 मिनट में लीक:146 दिन में 3 बड़े एग्जाम कैंसिल; बिहार में भर्ती परीक्षा का सिस्टम फेल क्यों?

अभ्यर्थियों के लंबे संघर्ष के बाद बिहार की दरोगा बहाली की परीक्षा रद्द कर दी गई। आयोग ने अपरिहार्य कारण बताया है। बीते 146 दिनों में यह तीसरा बड़ा एग्जाम है, जिसे रद्द किया गया है। आखिर BPSSC ने एग्जाम क्यों रद्द किया, बड़े एग्जाम बिना गड़बड़ी के क्यों नहीं हो पा रहे; जानेंगे, बूझे की नाही में…। सवाल-1ः दरोगा बहाली की परीक्षा रद्द क्यों हुई?

जवाबः 1,799 पदों के लिए दरोगा बहाली की मुख्य परीक्षा दो शिफ्ट में 27 मई 2026 को हुई थी। एग्जाम बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने कंडक्ट कराया था। परीक्षा के दिन से ही अभ्यर्थी पेपर लीक का दावा कर रहे थे। आंदोलन कर रहे थे। लेकिन आयोग इसका लगातार खंडन कर रहा था। बाद में इस मामले की जांच EOU (आर्थिक अपराध इकाई) को सौंप दी गई।

इस बीच 23 सितंबर 2026 को BPSSC ने बिना कोई ठोस कारण बताए एग्जाम को रद्द कर दिया। आयोग ने नोटिफिकेशन में कहा, ‘अपरिहार्य कारणों से 27 मई को हुई परीक्षा को रद्द किया जाता है।’ एग्जाम कैंसिल होने का असली कारण, जानिए… दरअसल, दरोगा बहाली की मुख्य परीक्षा में धांधली हुई है। इसका खुलासा पूर्णिया साइबर थाने की केस डायरी और चार्जशीट से हुआ है।

चार्जशीट के मुताबिक, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर तैनात वीक्षक मृत्युंजय कुमार ने परीक्षा शुरू होने के बाद अनुपस्थित अभ्यर्थियों के खाली प्रश्न पत्र चुरा लिए। उसने केंद्र के भीतर ही अपने मोबाइल से उनकी तस्वीरें खींचीं। तस्वीरें अपने ममेरे भाई पप्पू कुमार को व्हाट्सएप पर भेजीं।

यह पूरा खेल एग्जाम के दिन यानी 27 मई की दोपहर 2.44 से 2.50 बजे के बीच हुआ। यानी महज छह मिनट में प्रश्न पत्र की तस्वीरें बाहर भेज दी गईं। एग्जाम सेंटर पर मोबाइल बैन था। फिर भी मृत्युंजय कॉरिडोर में मोबाइल का इस्तेमाल करता CCTV में कैद हुआ। तस्वीरें भेजने के बाद उसने व्हाट्सएप चैट भी डिलीट कर दी।

पुलिस ने 25 जुलाई को आरोप पत्र दाखिल किया। इसमें मृत्युंजय के खिलाफ द बिहार पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024 की धारा 3, 9 व 10(1) के तहत आरोप सही पाए गए। केस डायरी और चार्जशीट EOU को सौंप दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, EOU को भी गड़बड़ी के सबूत मिले हैं। जांच एजेंसी अपनी शुरुआती जांच के आधार पर बहुत जल्द राज्य सरकार को एक विस्तृत अंतरिम रिपोर्ट सौंपने जा रही है।

इसके साथ ही संगठित अपराध और सिंडिकेट की गहरी

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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