पेट्रोल-डीजल के बढ़ने वाले हैं दाम? 100 डॉलर के करीब पहुंची कच्चे तेल की कीमत
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Petrol-Diesel Prices: मिडिल ईस्ट में हालात दिनों दिन खराब होते जा रहे हैं. ईरान और अमेरिका खुलकर एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं. अमेरिकी शिप पर हमला के बाद अमेरिका ने भी 5 ईरानी जहाजों को निशाना बनाया है.
ये सभी जहाजों में कच्चा तेल लदा था. इससे कच्चे तेल के दामों पर सीधा असर पड़ता दिख रहा है. ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है. इससे पेट्रोल-डीजल मंहगा होने का खतरा बढ़ गया है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य पूर्व में बढ़ते हमलों के कारण बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई. तेल की कीमतों में तेजी से एशियाई शेयर बाजारों में भी सुस्ती देखने को मिली.
निवेशकों को डर है कि बढ़ते तनाव से महंगाई और बढ़ सकती है. इसी बीच, अमेरिका के महंगाई से जुड़े आंकड़े भी जारी होने वाले हैं.
यह भी पढ़ें: ईरान पर अमेरिका का बड़ा हमला, तेल ले जा रहे 5 जहाजों को किया नष्ट, जवाब में IRGC ने जॉर्डन बेस कैंप को बनाया निशाना 99.49 डॉलर प्रति बैरल पहुंची कीमत ब्रेंट क्रूड वायदा 1.57 डॉलर बढ़कर 99.49 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। यह जून के अंत के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.60 डॉलर बढ़कर 94.63 डॉलर प्रति बैरल हो गया। क्यों बढ़ी कीमत?
यमन में ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों ने मंगलवार को सऊदी अरब के कई शहरों पर हमला किया. इससे मध्य पूर्व का संघर्ष और बढ़ गया है.
इसी बीच, अमेरिकी सेना ने ईरान के कई तेल टैंकरों को निशाना बनाया, जबकि ईरान ने जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया. तनाव बढ़ने का असर तेल की कीमतों पर भी पड़ा.
बुधवार को लगातार चौथे दिन कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और शुरुआती कारोबार में यह 1 डॉलर से ज्यादा बढ़ गई.
ECB के फैसले से पड़ा असर यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के गुरुवार को आने वाले ब्याज दर के फैसले से पहले यूरो में हल्की मजबूती देखने को मिली.
ईरान युद्ध के कारण महंगाई बढ़ने की चिंता के बीच बाजार को उम्मीद है कि बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है. वहीं, जापानी येन डॉलर के मुकाबले करीब सात महीने के सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गया.
जापान में ब्याज दरें जल्द बढ़ने की उम्मीद और कारोबारियों द्वारा येन पर लगाए गए दांव कम करने से जापानी मुद्रा को मजबूती मिली.
सिडनी में स्टॉक (.AXJO)नया टैब खुलता हैहांगकांग का हैंग सेंग (.HSI) लगभग 0.3% फिसल गया। मुख्यभूमि चीनी ब्लू चिप्स (.CSI300) में 0.6% की गिरावट आई. इसमें 0.2% की मामूली वृद्धि हुई.
बड़े वैश्विक बाजारों में अभी स्थिति साफ नहीं पेपरस्टोन के रिसर्च प्रमुख क्रिस वेस्टन ने एक क्लाइंट नोट में कहा कि कई बड़े वैश्विक बाजारों में अभी स्थिति साफ नहीं है.
कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं हो रहा है और बाजार एक सीमित दायरे में स्थिर बना हुआ है.
उन्होंने कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमत इस समय बाजार के रुख को समझने का एक अहम संकेत है.
उनके मुताबिक, अब कच्चे तेल की कीमत का 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचना काफी संभव नजर आ रहा है.
महंगाई बढ़ने से शेयर बाजारों पर दबाव पिछले कुछ हफ्तों में महंगाई बढ़ने की चिंता ने दुनिया के शेयर बाजारों पर दबाव बनाया है.
इसके साथ ही बॉन्ड यील्ड भी बढ़ी है, क्योंकि कारोबारियों को लग रहा है कि केंद्रीय बैंक महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं या और सख्ती कर सकते हैं.
अब बाजार की नजर अमेरिका के सीपीआई (महंगाई) आंकड़ों पर है, जो शुक्रवार को जारी होने वाले हैं.
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📡 स्रोत: NewsData.io