पेट्रोल-डीजल की बंपर बिक्री, लेकिन गैस सुस्त, क्यों घटी LPG की खपत?
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ये तो सभी जानते हैं कि रोजमर्रा की जिंदगी के लिए अलग-अलग ईंधन की जरूरत पड़ती है, जैसे आपके भी घर में एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता होगा और वहीं रोजाना काम पर या दूसरी जगह जाने के लिए वाहन के लिए पेट्रोल-डीजल की जरूरत होती होगी.
अब बड़ी बात ये है कि जब ये ईंधन लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है तो इनके इस्तेमाल का ट्रेंड एक जैसा क्यों नहीं रहा है?
दरअसल, इस बीच पेट्रोल-डीजल की मांग में बढ़ोतरी देखने को मिली है और वहीं अगर बात करें एलपीजी की तो इसकी खपत में बड़ी गिरावट देखने को मिली है.
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इनके पीछे कारण क्या है? आखिर क्यों पेट्रोल डीजल की बिक्री बढ़ी है और एलपीजी की खपत में गिरावट आई है.
सितंबर के आंकड़ों पर मारे नजर
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल यानी PPAC के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के पिछले साल की बिक्री के मुकाबले में बड़ा अंतर देखने को मिला है.
LPG की बिक्री में कितनी गिरावट आई?
एलपीजी की खपत पिछले साल के मुकाबले 9.15 प्रतिशत कम हुई है और अब गिरावट के बाद 2.64 मिलियन टन रह गई.
यानी एलपीजी की खपत में काफी गिरावट देखने को मिली है. ऐसे में सवाल तो सबसे बड़ा यही है कि आखिर एलपीजी की खपत क्यों कम हुई?
LPG की खपत कम होने के पीछे क्या है कारण?
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण देश में गैस की सप्लाई पर गहरा असर पड़ा था और भारत एलपीजी का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से मंगाता है, लेकिन तनाव के कारण एलपीजी की उपलब्धता और सप्लाई पर भी दबाव बढ़ा, जिसके बाद कई बार एलपीजी सिलेंडर के दाम में भी बढ़ोतरी देखने को मिली और वहीं रिफिल बुकिंग की समय सीमा को भी बढ़ाया गया था.
यही कारण है कि अब सरकार एलपीजी पर निर्भरता कम करने की तरफ अहम कदम उठा रही है.
पेट्रोल-डीजल की बिक्री बढ़ी
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📡 स्रोत: ABP Live Vyapar