पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने ओपेक के महासचिव हैथम अल ग़ैस के साथ की बैठक
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बैठक के दौरान, श्री पुरी ने कहा कि भारत और ओपेक के बीच स्वाभाविक रूप से पूरक और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध हैं। उन्होंने कहा कि भारत ओपेक और उसके सदस्य देशों के साथ अपने दीर्घकालिक जुड़ाव को महत्व देता है, जिसने प्रमुख ऊर्जा मुद्दों पर आपसी समझ और सहयोग में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
श्री पुरी ने कहा कि वैश्विक विकास के लिए निवेश को बढ़ावा देने, ऊर्जा लचीलापन को मजबूत करने और विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। उन्होंने ओपेक और भारत से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए संतुलित, स्थिर और पूर्वानुमान योग्य वैश्विक ऊर्जा बाजार को आगे बढ़ाने हेतु मिलकर काम करने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में, ओपेक महासचिव ने कहा कि भारत के साथ संवाद ओपेक की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में भारत का महत्व लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दशकों में यह और भी बढ़ेगा। उन्होंने ऊर्जा चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के संतुलित, यथार्थवादी और व्यावहारिक दृष्टिकोण की भी सराहना की और कहा कि भारत की कई ऊर्जा प्राथमिकताएं ओपेक की भी प्राथमिकताएं हैं।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी का ओपेक महासचिव हैथम अल ग़ैस के साथ बैठक ऊर्जा नीति के क्षेत्र में भारत और ओपेक के बीच सहयोग को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह बैठक दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता और आपूर्ति सुरक्षा में योगदान मिलेगा। इस प्रकार के संवाद से भारत को कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाव, ऊर्जा निवेश के अवसर और ऊर्जा स्वतंत्रता को बढ़ावा मिलेगा। आम जनता को इससे ऊर्जा लागत में स्थिरता, रोजगार के नए अ