राजनीति

पिछोर में फिर चर्चा में केपी सिंह कक्काजू का कार्यकाल, समर्थकों ने गिनाईं विकास और जनसरोकार से जुड़ी उपलब्धियां

लेखक: Ranu Parihar अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पिछोर में फिर चर्चा में केपी सिंह कक्काजू का कार्यकाल, समर्थकों ने गिनाईं विकास और जनसरोकार से जुड़ी उपलब्धियां

पिछोर। पिछोर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक केपी सिंह कक्काजू के लंबे राजनीतिक कार्यकाल को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज है। क्षेत्र में उनके समर्थक उनके कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों और जनसरोकार से जुड़े फैसलों का उल्लेख करते हुए उस दौर को पिछोर के विकास के महत्वपूर्ण चरण के रूप में याद कर रहे हैं।

केपी सिंह वर्ष 1993 से पिछोर विधानसभा क्षेत्र से लगातार छह बार विधायक रहे। उनके समर्थकों का कहना है कि लंबे कार्यकाल के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, बिजली और ग्रामीण विकास से जुड़े कई कार्य हुए, जिनका प्रभाव क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिला।

समर्थकों के अनुसार उनके कार्यकाल में भूमिहीन परिवारों को पट्टे देने, स्कूलों के उन्नयन, छात्रावासों के निर्माण और आंगनबाड़ी भवनों जैसी योजनाओं पर काम हुआ। पिछोर में महाविद्यालय सहित शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार का भी वे उल्लेख करते हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में पिछोर, खनियाधाना और भौंती के स्वास्थ्य केंद्रों के विकास तथा विभिन्न स्थानों पर उप स्वास्थ्य केंद्र और प्रसव केंद्र शुरू किए जाने को भी उनके समर्थक प्रमुख उपलब्धियों में गिनाते हैं। उनका कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उपचार के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिली।

सड़क और परिवहन के क्षेत्र में पिछोर को शिवपुरी, चंदेरी, खनियाधाना और करैरा से जोड़ने वाली सड़कों के विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण तथा विभिन्न नदियों पर पुल-पुलियों के निर्माण का भी उल्लेख किया जा रहा है।

कृषि और सिंचाई से जुड़े कार्यों में मड़ीखेड़ा डैम और सनघाट बांध से मिलने वाली सिंचाई सुविधा, स्टॉप डैम और तालाबों के निर्माण तथा गहरीकरण को समर्थक महत्वपूर्ण बताते हैं। बिजली व्यवस्था के विस्तार और नए ट्रांसफार्मर तथा विद्युत उपकेंद्र स्थापित किए जाने का भी उनके कार्यकाल के संदर्भ में उल्लेख किया जा रहा है।

रोजगार के मुद्दे पर समर्थकों का कहना है कि उनके कार्यकाल में शिक्षा विभाग, आंगनबाड़ी और अन्य विभागों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए। हालांकि वर्तमान समय में भर्ती और भ्रष्टाचार को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इन्हें दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

केपी सिंह के समर्थक उनके कार्यकाल की एक अन्य प्रमुख विशेषता के रूप में आम लोगों तक उनकी पहुंच का उल्लेख करते हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण और गरीब वर्ग के लोग अपनी समस्याएं सीधे उनके सामने रखते थे और स्थानीय स्तर पर विवादों के समाधान के लिए भी उनसे संपर्क करते थे।

क्षेत्र में उनकी सर्वसमाज स्वीकार्यता का दावा भी समर्थकों की ओर से किया जा रहा है। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक रूप से अलग राय रखने के बावजूद उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर केपी सिंह के साथ अपने संबंध बनाए रखे और उनके कार्यकाल में सभी वर्गों के लोगों के काम हुए।

वहीं, क्षेत्र की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में उनके समर्थक पुराने कार्यकाल और वर्तमान स्थिति की तुलना भी कर रहे हैं। कानून-व्यवस्था, रोजगार और विकास से जुड़े कई दावे इस दौरान सामने रखे जा रहे हैं, हालांकि इन दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक आंकड़ों और स्वतंत्र स्रोतों का अध्ययन आवश्यक होगा।

फिलहाल पिछोर की राजनीति में केपी सिंह कक्काजू का लंबा कार्यकाल और उस दौरान हुए विकास कार्य चर्चा का विषय बने हुए हैं। समर्थक उनके कार्यकाल को विकास, प्रशासनिक पहुंच और जनसरोकार से जोड़कर देखते हैं, जबकि इन दावों का आकलन क्षेत्र में हुए वास्तविक विकास कार्यों और उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के आधार पर किया जा सकता है।

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Ranu Parihar

रानू परिहार शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं।