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पीएम मोदी के 25 साल: विकास को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पीएम मोदी के 25 साल: विकास को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

अक्टूबर 07, नई दिल्ली: गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक नरेंद्र मोदी के पिछले 25 वर्ष जनकल्याण और विकास को समर्पित रहे हैं। उन्होंने अपनी बेमिसाल नेतृत्व क्षमता से ग़रीब, महिला, किसान और युवा सशक्तिकरण का शानदार विज़न ज़मीन पर उतारा है। गुजरात में भूकंप के बाद पुनर्निर्माण और विकास से लेकर ज्योतिग्राम योजना के जरिए घरेलू और कृषि क्षेत्र के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तक कई पहल की गईं।

प्रधानमंत्री बनने के बाद इसी दृष्टिकोण को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाते हुए सौभाग्य योजना के तहत 2 करोड़ 86 लाख से अधिक घरों को बिजली कनेक्शन दिए गए।नर्मदा के पानी को ज़रूरतमंद घरों तक ले जाना हो या पीएम बनने के बाद जल जीवन मिशन के तहत 15 करोड़ 91 लाख ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराना।पीएम आवास योजना के तहत चार करोड़ से अधिक मकान बनाकर अपनी पक्की छत का ग़रीब का सपना पूरा किया गया, तो वहीं लगभग 75% घरों का पूर्ण या संयुक्त मालिकाना हक़ महिलाओं के नाम करके नारी शक्ति को नई ताक़त दी गई।

महिला सशक्तिकरण का यह विज़न गुजरात में ही आकार ले चुका था। वहां हमें नरेन्द्र मोदी के बतौर सीएम कन्या केलवणी और शाला प्रवेशोत्सव जैसे प्रयास दिखाई देते हैं तो पीएम बनने के बाद बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे क़दम। इतना ही नहीं संसद और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण का क़ानून भी पीएम के इसी बेमिसाल नेतृत्व की देन है।

हालाँकि विपक्ष के अड़ियल रवैये की वजह से इसे 2029 से लागू करने का प्रयास फ़िलहाल सफल नहीं हो सका है।महिला, युवा, ग़रीब और किसान की समृद्धि की सोच का ही नतीजा है कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 59 करोड़ 9 लाख से अधिक जनधन खाते खुले। 10 करोड़ 55 लाख से अधिक मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए।

देश की लगभग एक तिहाई आबादी को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य बीमा कवर देना हो या फिर कोरोना महामारी के दौरान 220 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज और 81 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान। नेतृत्व के यह 25 वर्ष जनसेवा को समर्पित रहे हैं।साढ़े 9 करोड़ किसानों को नियमित आर्थिक मदद के तहत लगभग साढ़े चार लाख करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर किया जाना हो या युवा उद्यमित, कौशल विकास और रोज़गार मेला जैसी पहल से युवा शक्ति की आशा आकांक्षओं को नए पंख देना।

इन सभी प्रयासों में बड़ी तस्वीर सामने आती है - जरूरत की पहचान, लक्ष्य की स्पष्टता, तकनीक का इस्तेमाल और शत प्रतिशत क्रियान्वयन।इस यात्रा एक विज़न स्पष्ट है - प्रभावी नेतृत्व केवल योजनाएं बनाने में नहीं, बल्कि उन्हें करोड़ों लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में है। इसी दृष्टिकोण को आधार बनाकर बीते 25 वर्ष में नरेन्द्र मोदी ने वो कर दिखाया जो अपने आप में बेमिसाल है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।