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पीएम मोदी वर्ल्डस्किल्स कॉम्पिटिशन के प्रतिभागियों से मिले:बातचीत कर अनुभव जाना; 6 युवाओं ने सिल्वर मेडल जीते, 10वें स्थान पर रहा भारत

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पीएम मोदी वर्ल्डस्किल्स कॉम्पिटिशन के प्रतिभागियों से मिले:बातचीत कर अनुभव जाना; 6 युवाओं ने सिल्वर मेडल जीते, 10वें स्थान पर रहा भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता 2026 में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। चीन के शंघाई में 22 से 27 सितंबर तक हुई इस प्रतियोगिता में भारत ने 10वां स्थान हासिल किया था। भारत ने 6 सिल्वर मेडल और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 20 मेडल हासिल किए।

2024 में भारत 13वें, अब 10वें स्थान पर है। मोदी ने कहा कि युवाओं के लिए प्रैक्टिकल स्किल्स उतनी ही महत्वपूर्ण हैं, जितनी अकादमिक डिग्रियां। उन्होंने स्किल ट्रेनिंग संस्थानों को IIT और IIM के बराबर महत्व का बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है, इसलिए युवाओं को लगातार नई स्किल सीखने, अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने और उभरती तकनीकों के अनुरूप खुद को तैयार करने की जरूरत है।

6 युवाओं ने जीते सिल्वर मेडल 2024 में फ्रांस के लियोन में हुई प्रतियोगिता में भारत 13वें स्थान पर रहा था। तब भारतीय दल ने 4 ब्रॉन्ज मेडल और 12 मेडल फॉर एक्सीलेंस जीते थे। इस बार भारत की ओर से अब तक का सबसे बड़ा 70 सदस्यीय प्रतियोगी दल उतरा था। इसने 63 स्किल कैटेगरी में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में करीब 70 देशों और क्षेत्रों के 1,400 से ज्यादा युवा शामिल हुए।

बेकरी कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतने वाली स्मृति नांबियार को भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी के रूप में ‘बेस्ट ऑफ नेशन’ सम्मान भी मिला। कॉम्पिटिशन में 1,400 से अधिक प्रतियोगियों ने भाग लिया था 22-27 सितंबर 2026 तक हुए इस छह दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 70 देशों के 1,400 से अधिक युवा प्रतियोगियों ने भाग लिया था।

भारत का प्रतिनिधित्व अब तक के सबसे बड़े 70 प्रतियोगियों के दल ने किया, जिन्होंने उभरती टेक्नोलॉजी, प्रोडक्शन, इंजीनियरिंग, क्रिएटीविटी जैसे 63 फील्ड में भाग लिया था। युवाओं के टैलेंट को परखते हैं वर्ल्डस्किल्स कॉम्पिटिशन में वर्ल्डस्किल्स कॉम्पिटिशन 2026 युवाओं के टैलेंट का सबसे बड़ा इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन है।

इसे आसान भाषा में स्किल्स का ओलिंपिक भी कहा जाता है। इसमें अलग-अलग देशों के युवा अपने टेक्नोलॉजी और बिजनेस स्किल का प्रदर्शन करते हैं। इसमें सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि किसी काम को कितनी दक्षता और सटीकता से किया जा सकता है, यह परखा जाता है।

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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