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पीएम विश्वकर्मा योजना के 3 साल पूरे हुए, 30 लाख कारीगर जुड़े

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पीएम विश्वकर्मा योजना के 3 साल पूरे हुए, 30 लाख कारीगर जुड़े

सितंबर 18, नई दिल्ली: केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) ने कोलकाता स्थित धन-धान्य सभागार में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर समारोह आयोजित किया। पश्चिम बंगाल सरकार ने मई 2026 में इस योजना को लागू करने का निर्णय लिया।राज्य के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को व्यापक सहायता प्रदान करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत 7 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार विश्वकर्माओं को योजना के लाभ प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने में तेजी लाएगी।केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि बताया कि पीएम विश्वकर्मा के तहत 30 लाख लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 24.50 लाख को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण प्राप्त हो चुका है।

इंडिया पोस्ट के माध्यम से 18.15 लाख आधुनिक उपकरण वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 6.18 लाख विश्वकर्मा लाभार्थियों को 5 प्रतिशत प्रति वर्ष की रियायती ब्याज दर पर 1 लाख रुपए तक का ऋण दिया गया है, जिसकी कुल राशि 5,297 करोड़ रुपए है।

सोर्स- PIB

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तीसरे वर्षगांठ पर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग से 30 लाख कारीगरों के जुड़ने की सूचना देती है। यह योजना कारीगरों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और विपणन समर्थन देकर उनकी आजीविका सुधारने का लक्ष्य रखती है। इस पहल की महत्ता इसलिए है क्योंकि यह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिल्पकारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करती है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। आम जनता पर इसका प्रभाव सकारात्मक है, क्योंकि इससे कारीगरों की आय बढ़ेगी, स्थानीय उद्योगों का विकास

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।