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पीएमकेवीवाई युवाओं को उद्योग-अनुकूल, मांग-आधारित और भविष्य की जरूरतों के अनुसार दिया जा रहा मुफ्त कौशल प्रशिक्षण

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पीएमकेवीवाई युवाओं को उद्योग-अनुकूल, मांग-आधारित और भविष्य की जरूरतों के अनुसार दिया जा रहा मुफ्त कौशल प्रशिक्षण

अक्तूबर 26, शिमला (हिमाचल प्रदेश): प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) 4.0 के तहत युवाओं को उद्योग-अनुकूल, मांग-आधारित और भविष्य की जरूरतों के अनुसार मुफ्त कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि उन्हें बेहतर रोजगार और स्वरोजगार (उद्यमिता) के अवसर मिल सकें। योजना के तहत शिमला जिला में कुल 2,670 प्रशिक्षण का टारगेट निर्धारित किया गया है।

इनमें 1,080 शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग (ST) aur 1,590 रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (RPL) के प्रशिक्षण शामिल हैं।प्रशिक्षण मुख्य रूप से पर्यटन एवं आतिथ्य व पर्यावरण विज्ञान क्षेत्रों में प्रस्तावित है। पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र के अंतर्गत असिस्टेंट राफ्टिंग गाइड, नेचर गाइड और गेस्ट सर्विस एग्जीक्यूटिव, जबकि पर्यावरण विज्ञान क्षेत्र में ग्रीन एनर्जी सुपरवाइजर जैसे जॉब रोल के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ट्रेनर के हिसाब से युवाओं को प्रशिक्षण न दिया जाए, बल्कि युवाओं को जिस कोर्स के बाद रोजगार मिल सके ऐसे प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाए और युवाओं को उनकी रुचि, योग्यता और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध करवाए जाएं।

कौशल विकास कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप व्यावसायिक कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।