पीली पगड़ी बांध हनुमान बेनीवाल ने संभाला 'मोर्चा':भाटी-मीणा का 'मिक्स जूस'; BJP नेता रामलाल शर्मा की 'स्पीड'
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →नमस्कार, खरीफ के बाद यूं तो रबी का सीजन आता है, लेकिन प्रदेश में इस वक्त धरना-प्रदर्शन और आंदोलन का सीजन चल रहा है। उत्तर का मोर्चा सांसद हनुमान बेनीवाल ने संभाल रखा है। पश्चिम मोर्चे पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी तैनात हैं। दक्षिणी मोर्चे पर नरेश मीणा अनशन कर चुके हैं और पूरब में तो माहौल गर्म है ही। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1.
खरीफ के बाद 'आंदोलन' का मौसम नागौर सांसद ने क्रांतिकारियों वाली पीली पगड़ी पहन ली और आंदोलन की जमीन पर जाकर लेट गए। ऐसा लगता है कि खरीफ के बाद सीधे आंदोलन का मौसम आ गया है। श्रीगंगानगर का घड़साना किसान आंदोलन का तीर्थ स्थल कहा जाता है। वहां के किसान 6 महीने का स्थायी सिंचाई रेगुलेशन लागू करने की मांग कर रहे हैं, ताकि फसलें न सूखें।
इस तरह के आंदोलन किसी न किसी की राजनीतिक फसल सुखा देते हैं और किसी न किसी की सियासी जमीन को हरा-भरा कर देते हैं। घड़साना में 9 जिलों के किसान जुटे और 51 सूत्री मांगें रखीं। ऐसे में प्रदेश के उत्तरी हिस्से में राजनीतिक मोर्चे पर किसानों के साथ डंटकर नागौर सांसद पंचायत चुनाव से भी आगे की बात सोच रहे हैं।
वैसे भी कह चुके हैं कि पंचायत चुनाव के पहले चरण के नामांकन के बाद आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। अब आगे-आगे देखेंगे होता है क्या। 2.
नरेश मीणा और रविंद्र सिंह भाटी का 'मिक्स जूस' उत्तरी मोर्चे की बात हो ही गई। वहां हनुमान बेनीवाल ताकत झोंके हुए हैं। अब बात पश्चिम की। रेगिस्तानी इलाका। देखने पर रेत ही रेत दिखाई देती है। लेकिन राजनीति की जड़ें काफी मजबूत हैं। बाड़मेर के शिव से युवा विधायक रविंद्र सिंह भाटी पश्चिम से EWS सरलीकरण का मुद्दा लेकर निकले हुए हैं।
हनुमान बेनीवाल जहां किसान हितैषी चेहरा बने हुए हैं तो रविंद्र सिंह भाटी यात्रा के जरिए युवाओं की नब्ज टटोल रहे हैं। गांव-गांव में स्वागत और सत्कार हो रहा है। युवाओं का अच्छा समर्थन मिलने से उत्साहित हैं। यात्रा के जरिए पश्चिम के कई इलाके टटोल चुके हैं। लोगों से जुड़ रहे हैं। दक्षिण के हाड़ौती मोर्चे पर युवा नेता नरेश मीणा तैनात हैं।
वे भी खाद समेत किसानों के अलग-अलग मुद्दों को लेकर डंटे हुए हैं। 10 दिन का अनशन कर चुके हैं। दिव्य रथ पर जयपुर की परिक्रमा कर चुके हैं। अनशन के चलते बारां के हॉस्पिटल में एडमिट हुए थे। संदेश मिला कि पश्चिम मोर्चे वाले भाटीजी मिलने हॉस्पिटल आ रहे हैं। मीणा जी ने हॉस्पिटल से ही समर्थकों से आह्वान किया कि हॉस्पिटल पहुंच जाओ।
सरकारी हॉस्पिटल में दो मोर्चों के स्वामियों का भरत मिलाप हुआ। भाटीजी मीणाजी से प्रेम पूर्वक मिले और बड़े बुजुर्गों जैसी नसीहतें दीं। बोले- जान है तो जहान है। पहला सुख निरोगी काया। बात भी सही है। संघर्ष ही करना है तो भूखे रहने से क्या फायदा, अच्छी तरह खा-पीकर करें तो कुछ बात हो। भाटी जी ने मीणा जो को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
अब यह दक्षिण-पश्चिम के मोर्चों का मिक्स जूस क्या रंग लाएगा, यह समय बताएगा। 3.
थप्पड़, उड़ता तीर और माफी अजमेर के किशनगढ़ में 9 अक्टूबर की शाम एक घटना घट गई। रोड के किनारे पर खड़ी कार को देख ट्रैफिक सीओ मैडम झल्ला गईं। कार के मालिक को चांटा रसीद कर दिया। कार का मालिक होने के साथ-साथ युवक वकील निकला। चूंकि वकील और पुलिस का आपसी समन्वय सौहार्द्रपूर्ण रहा है, ऐसे में वकीलों ने किशनगढ़ कस्बे पर शांति मिशन शुरू कर दिया।
मैडम की हवाइयां उड़ने लगीं। वकील सवाल पूछने लगे। कार के आगे आने लगे। मैडम को द्रुत गति का इस्तेमाल करते हुए वहां से जाना पड़ा। सोशल मीडिया पर भी शांतिपूर्ण हवाएं चलने लगीं। एक सज्जन ने कमेंट कर दिया कि मैडम ने वकील को चांटा मारकर उड़ता हुआ तीर ले लिया है। मैडम से रहा नहीं गया। उन्होंने कमेंट में जवाब भी दे डाला।
लिखा कि उड़ता हुआ तीर लेने का दम रखते हैं। अपनी वकील और पुलिस का आपसी समन्वय चरम पर पहुंच गया। वकील रात दिन पुलिस-पुलिस की रट लगाने लगे। मामला तूल पकड़ चुका था। नेतागण जिस माहौल के लिए तरसते है, वह सिम्पैथी वाला माहौल वकील साहब के पक्ष में बनने लगा। सीओ मैडम बैकफुट पर आ गईं। वकील साहब को सोफे पर बराबर बैठाकर वीडियो बनाया।
मैडम बोलीं- ट्रैफिक मैनेजमेंट करते हुए दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो गई थी। उस घटना के दौरान मेरी दुर्भावना नहीं थी। घटना को लेकर खेद है। आवेश में आकर सोशल मीडिया पर कमेंट कर दिया उस पर भी खेद है। पुलिस और वकीलों का समन्वय सदा सौहर्द्रपूर्ण रहा है। आशा है आगे भी ऐसा ही बना रहेगा। वकील साहब ने अपनी बात कही।
बोले- इन्होंने गलती मान ली है। अब बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से इन्हें माफ कर रहा हूं। इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता। 4 चलते-चलते..
हनुमान बेनीवाल में पीली पगड़ी बांधकर भले यलगार कर दिया हो। लेकिन सत्तासीन पार्टी हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी है। चौमूं वाले नेता रामलाल शर्मा जी ने जिस गति से पगड़ी बांधी है, विरोधियों को यह संदेश दिया है कि पगड़ी का जवाब पगड़ी से देने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। पार्टी त्वरित कार्रवाई करने में कहीं पीछे नहीं है। मामला कोई भी हो, कैसा भी हो। हालात भांपकर एक्शन लेने में अमुक पार्टी का कोई सानी नहीं। चौमूं में भरी सभा में रामलाल जी ने सवाल किया- पता है भारतीय जनता पार्टी अन्य राजनीतिक दलों से अलग कैसे है?
जवाब भी उन्होंने खुद ही दिया। कहा- बीते नगर पालिका चुनावों में अध्यक्ष रहे कई माननीय इस बीच भी हमारे साथ यहां मौजूद हैं। जिस प्रकार LIC का स्लोगन है- जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी। उसी प्रकार भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हमारे साथ रहता है। यही बात अन्य दलों से हमें अलग बनाती है। इनपुट सहयोग- मयंक अग्रवाल (अनूपगढ़, श्रीगंगानगर), रोहित पारीक (किशनगढ़, अजमेर), रामप्रसाद मेहता (बारां)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।
📡 स्रोत: NewsData.io