इतिहास

पिपलानी रामलीला में सीता हरण, जटायु युद्ध और बाली वध का जीवंत मंचन, दर्शक हुए भावविभोर

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पिपलानी रामलीला में सीता हरण, जटायु युद्ध और बाली वध का जीवंत मंचन, दर्शक हुए भावविभोर

भोपाल। विविध कला विकास समिति की ओर से पिपलानी में आयोजित 67 वर्षों की गौरवशाली रामलीला परंपरा के अंतर्गत शुक्रवार को सीता हरण, जटायु-रावण युद्ध, शबरी की भक्ति, सुग्रीव मिलन, बाली वध और माता सीता की खोज के प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों ने सजीव संवादों और भावपूर्ण अभिनय के माध्यम से रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया।

संस्था के अध्यक्ष रूपेश तैलंग की उपस्थिति में वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्याम सुंदर, शिवप्रसाद साहू और अशोक शर्मा के निर्देशन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि शैलेंद्र कुमार महाजन, गौतम मजूमदार, जगदीश तनवानी और धर्मेंद्र सिंह ठाकुर का महासचिव आर.एस. अरोरा ने स्वागत किया।

मीडिया प्रवक्ता अतुल मालवीय के अनुसार, सीता हरण का प्रसंग रामायण की कथा में महत्वपूर्ण मोड़ है। रावण द्वारा साधु का वेश धारण कर माता सीता के समीप पहुंचने और उनका हरण करने के दृश्य को कलाकारों ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस प्रसंग के बाद जटायु और रावण के युद्ध ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा।

तुलसीदास रचित रामचरितमानस की चौपाई, “सून बीच दसकंधर देखा। आवा निकट जती कें बेषा॥” के माध्यम से रावण के साधु वेश में आने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इसके बाद शबरी की भक्ति, भगवान श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता, बाली वध तथा माता सीता की खोज के दृश्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

राम की भूमिका लोकेश मौर्य, लक्ष्मण की मयंक प्रताप सिंह, सीता की मधुश्री पाठक, रावण की हिम्मत राव पाटिल, जटायु की प्रशांत मेहरा, शबरी की नेहा प्रसाद, साधु की कृष परिहार, हनुमान की राहुल सिंह बाके, जामवंत की अभिनव श्रीवास्तव, बाली की दीपेंद्र कौशिक, सुग्रीव की कबीर यादव और अंगद की भूमिका अंगद बेहर ने निभाई।

कलाकारों के अभिनय और संवाद अदायगी ने रामायण के प्रसंगों को प्रभावशाली रूप दिया। समिति की 67 वर्षों से चली आ रही रामलीला परंपरा के माध्यम से धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम के आदर्शों को प्रस्तुत किया गया।

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।