पीपीपी मॉडल का विरोध कर सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग:1 सांसद-4 विधायकों के पुतले फूंके; 14 दिन से धरना जारी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →कटनी में पूरी तरह सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पीपीपी मॉडल के तहत बनाए जाने वाले मेडिकल कॉलेज का विरोध किया कीफायती सेवाओं के लिए सरकारी कॉलेज की मांग की। कटनी एक्शन कमेटी के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट गेट के सामने स्थानीय सांसद और जिले के चार विधायकों के पुतले जलाए।
कमेटी के अनुसार, जिले में इस मांग को लेकर पिछले 14 दिनों से कलेक्ट्रेट के पास धरना दिया जा रहा है। कमेटी का कहना है कि जब तक पूरी तरह सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। सांसद और चार विधायकों के पुतले जलाए प्रदर्शनकारियों ने सांसद वी.डी.
शर्मा, मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल, विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक, बहोरीबंद विधायक प्रणय प्रभात पांडे और बड़वारा विधायक धीरेंद्र सिंह के पुतले जलाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकारी मेडिकल कॉलेज को लेकर किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं। प्रदर्शन में विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
हालांकि, उनकी संख्या की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। PPP मॉडल के बजाय सरकारी कॉलेज की मांग कमेटी के अनुसार, विधानसभा चुनाव के दौरान कटनी में सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने का वादा किया गया था। प्रदर्शनकारियों का विरोध PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाने के विकल्प को लेकर है।
आंदोलनकारियों का तर्क है कि PPP मॉडल के तहत कॉलेज की सेवाएं गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए महंगी हो सकती हैं। उनका कहना है कि पूरी तरह सरकारी मेडिकल कॉलेज बनने से लोगों को किफायती स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। कमेटी ने सरकार से कटनी में पूरी तरह सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग की है।
📡 स्रोत: NewsData.io
💡 पृष्ठभूमि (Background)
काटनी में सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग पर 14 दिन से धरना चल रहा है, जिसमें पीपीपी मॉडल के तहत बनाए जाने वाले मेडिकल कॉलेज का विरोध किया जा रहा है। 1 सांसद और 4 विधायकों के पुतले जलाकर प्रदर्शनकारियों ने अपनी नाराज़गी जाहिर की। यह विषय स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी निवेश की कमी पर प्रकाश डालता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर पड़ सकता है और जनता की चिकित्सा सेवाओं तक पहुँच में बाधा आ सकती है। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो नागरिकों को उचित