पिता बोले शायरी से पेट नहीं भरता, बेटे ने शब्दों से बना दी अपनी दुनिया ... जानिए कैसे ‘मोरा गोरा अंग लई ले’ ने बदल दी गुलजार की जिंदगी

18 अगस्त, साल 1934 ब्रिटिश इंडिया के झेलम जिले के दीना गांव में एक बच्चे ने जन्म लिया. नाम रखा गया संपूर्ण सिंह कालरा. शायद उस वक्त किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही बच्चा आगे चलकर गुलजार कहलाएगा और हिंदी सिनेमा की भावनाओं को शब्द देने वाला ऐसा नाम बनेगा, जिसे दुनिया सम्मान से याद करेगी.
📡 स्रोत: Currents