पिता ने जमीन बेचकर पढ़ाया, सफलता मिली तो साथ छोड़ गए, गांव का पहला डॉक्टर बनकर पूरा किया सपना

साल 2019 में डॉक्टर प्रियव्रत ने अपने घर में वॉट्सएप के माध्यम से खुशी साझा की, जिसके बाद परिवार काफी इमोशनल हो गया. मां के आंखों में आंसु थे. खुशी तो बहुत थी लेकिन घर के अहम सदस्य के जाने का दूख भी था. तब डॉक्टर प्रियव्रत की पहली ज्वाइनिंग छिंदवाड़ा जिले में मिली. फिर अपने ही जिले में जिला अस्पताल में पदस्थ है.
📡 स्रोत: News18 Hindi MP