पिता की प्रेरणा से रखा था ‘निखिल’ नाम, बेटा बना सेना में अफसर
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पिता की प्रेरणा से रखा था ‘निखिल’ नाम, बेटा बना सेना में अफसर
नवादा के धर्मेंद्र कुमार ने जिस कैप्टन निखिल से प्रभावित होकर बेटे का नाम रखा था, उसी नाम के बेटे ने चेन्नई OTA की पासिंग आउट परेड में सेना अधिकारी बनकर पिता का सपना पूरा किया।
07 सितंबर , सकरा (नवादा , बिहार) : नवादा जिले के सकरा गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार के लिए यह क्षण भावुक कर देने वाला रहा, जब करीब 24 वर्ष पहले जिस सपने और संकल्प के साथ उन्होंने अपने बेटे का नाम ‘निखिल’ रखा था, उसी बेटे ने भारतीय सेना में अधिकारी बनकर उनके सपने को साकार कर दिया।
धर्मेंद्र कुमार भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर सेवा दे चुके हैं। सैन्य सेवा के दौरान वे कैप्टन निखिल की प्लाटून में तैनात रहे। कैप्टन निखिल के नेतृत्व और व्यक्तित्व से प्रभावित होकर धर्मेंद्र कुमार ने तय किया था कि यदि उन्हें बेटा हुआ तो उसका नाम निखिल रखेंगे।
वर्ष 2002 में उनके बेटे का जन्म हुआ और उन्होंने उसका नाम निखिल रखा। समय के साथ निखिल ने भी सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य निर्धारित किया। चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) की पासिंग आउट परेड में जब निखिल ने सैन्य अधिकारी के रूप में कदम बढ़ाया, तो उनके पिता भी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने।
पासिंग आउट परेड के दौरान पिता ने अपने अधिकारी बने बेटे को सैन्य अंदाज में सलामी दी। इसके बाद निखिल ने पिता के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। बेटे की इस उपलब्धि से भावुक धर्मेंद्र कुमार ने उसे अपने कंधों पर उठा लिया। पिता-पुत्र के इस भावुक क्षण ने समारोह को यादगार बना दिया।
निखिल ने दूसरे प्रयास में सैन्य अधिकारी बनने में सफलता हासिल की। उन्होंने आर्मी स्कूल से शिक्षा प्राप्त की। खेल के क्षेत्र में भी उनकी रुचि रही और उन्होंने कर्नाटक की अंडर-16 फुटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद बेंगलुरु से बीबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सैन्य अधिकारी बनने के अपने लक्ष्य की दिशा में प्रयास जारी रखा।
निखिल की सफलता ने यह साबित किया कि परिवार से मिली प्रेरणा और दृढ़ संकल्प किसी लक्ष्य को हासिल करने की राह मजबूत कर सकते हैं। जिस सैन्य अधिकारी के नेतृत्व से प्रभावित होकर धर्मेंद्र कुमार ने वर्षों पहले अपने बेटे का नाम ‘निखिल’ रखा था, आज वही नाम उनके लिए गर्व और उपलब्धि का प्रतीक बन गया है।
यह कहानी एक पिता की प्रेरणा, बेटे के संकल्प और वर्षों की मेहनत के उस सफर को सामने लाती है, जिसमें पिता का अधूरा सपना बेटे की सफलता के साथ पूरा हुआ।
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Caption : नवादा के धर्मेंद्र कुमार ने जिस कैप्टन निखिल से प्रभावित होकर बेटे का नाम रखा था, उसी नाम के बेटे ने चेन्नई OTA की पासिंग आउट परेड में सेना अधिकारी बनकर पिता का सपना पूरा किया।