इतिहास

पितरों के संस्कारों से समाजसेवा की प्रेरणा, पं. राकेश चतुर्वेदी ने साझा किए विचार

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पितरों के संस्कारों से समाजसेवा की प्रेरणा, पं. राकेश चतुर्वेदी ने साझा किए विचार

भोपाल। पितृपक्ष के अवसर पर ब्राह्मण एकता अस्मिता सहयोग संस्कार मंच के प्रदेश अध्यक्ष पं. राकेश चतुर्वेदी ने अपने पूज्य पिता स्वर्गीय पं. मन्नू लाल चतुर्वेदी के संस्कारों और समाजसेवा के प्रति उनकी प्रेरणा को याद करते हुए कहा कि उनके पिता उनके जीवन में संस्कार, सेवा और समाज के प्रति समर्पण के प्रमुख प्रेरणास्रोत रहे हैं।

पं. राकेश चतुर्वेदी ने कहा कि स्वर्गीय पं. मन्नू लाल चतुर्वेदी बचपन से ही यह संस्कार देते थे कि मनुष्य का जीवन केवल अपने लिए जीने के लिए नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए अच्छे संस्कार एवं सकारात्मक सोच छोड़ने के लिए है। उनका सदैव प्रयास रहा कि परिवार के साथ-साथ समाज में भी संस्कार, एकता, सहयोग और सेवा की भावना मजबूत हो।

उन्होंने कहा कि उनके पिता ने सिखाया कि समाज को सही दिशा देने के लिए सबसे पहले स्वयं अपने आचरण और संस्कारों से उदाहरण प्रस्तुत करना आवश्यक है। इन्हीं विचारों ने उनके जीवन की दिशा तय की और उन्होंने बचपन से ही समाजसेवा को अपने जीवन का दायित्व माना।

पं. चतुर्वेदी ने बताया कि भोपाल में सामाजिक, धार्मिक एवं संस्कारमय आयोजनों के माध्यम से समाज को जोड़ने, नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने तथा जरूरतमंदों की सहायता के निरंतर प्रयासों के पीछे उनके पूज्य पिता द्वारा दिए गए संस्कारों की प्रेरणा है। उनके द्वारा बोए गए संस्कारों के बीज आज समाजसेवा के रूप में फलित होते दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पितृपक्ष केवल अपने पितरों का स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके अधूरे संकल्पों और अच्छे विचारों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी देता है। सच्ची पितृश्रद्धा तभी है, जब हम अपने पितरों के आदर्शों को जीवन में उतारकर समाज में प्रेम, संस्कार, सहयोग और सेवा की भावना का विस्तार करें।

पं. राकेश चतुर्वेदी ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि इस पितृपक्ष में अपने पितरों के संस्कारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लें और समाज तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर एवं संस्कारवान वातावरण के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।