पितृमोक्ष श्रीराम कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ, हजारों महिलाओं ने निकाली विशाल कलश यात्रा
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भोपाल। पितृशांति, पितृमोक्ष और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं प्रसार के उद्देश्य से ध्यान विज्ञान परमार्थ संस्थान द्वारा आयोजित पितृमोक्ष श्रीराम कथा महोत्सव का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव की शुरुआत मुबारकपुर स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर से निकली विशाल कलश यात्रा के साथ हुई। यात्रा में हजारों माताएं-बहनें पीले वस्त्र धारण कर शामिल हुईं। श्रद्धालुओं की मौजूदगी और जय श्रीराम, जय हनुमान के जयघोष से यात्रा मार्ग भक्तिमय वातावरण में नजर आया।
मुबारकपुर स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर से शुरू हुई कलश यात्रा वायु प्राइड रेजिडेंसी, रक्षा विहार पहुंची। पीले वस्त्रों में सजी महिलाओं की कतारें और सिर पर कलश धारण किए श्रद्धालुओं का विशाल समूह यात्रा का प्रमुख आकर्षण रहा। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं में उत्साह और उमंग दिखाई दी।
वायु प्राइड रेजिडेंसी पहुंचने के बाद विधिवत गणेश पूजन और मानस मंगलाचरण के साथ नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव का शुभारंभ किया गया। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक एवं समाज सुधारक मनोज अवस्थी महाराज श्रीरामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, त्याग, भक्ति, सेवा और संस्कारों का संदेश देंगे।
कथा महोत्सव के दौरान श्रीराम जन्म, शिव विवाह, वनगमन, केवट प्रसंग, भरत मिलाप, सीता हरण, सुंदरकांड, लंका विजय और श्रीराम राज्याभिषेक सहित श्रीरामचरितमानस के प्रमुख प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।
आयोजन के मुख्य आयोजक फ्लाइंग योगी राम मनोहर सिंह सेंगर, संस्थापक ध्यान विज्ञान परमार्थ संस्थान एवं चेयरमैन वायु बिल्डकॉन ग्रुप ऑफ कंपनीज ने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक कथा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को परिवार, संस्कार, सेवा, श्रद्धा और सनातन संस्कृति से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ लेने का आह्वान किया।
आयोजन में रामबाबू शर्मा, मनोज कुमार यादव, अमित सक्सेना, संयोजक मेजर जनरल टीपीएस रावत, संरक्षक बैरसिया विधायक विष्णु खत्री और देवदत्त शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
विशाल कलश यात्रा के साथ शुरू हुए पितृमोक्ष श्रीराम कथा महोत्सव में श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था, श्रीराम के आदर्शों और सनातन संस्कृति से जुड़े संदेशों को प्रमुखता दी गई।
आयोजन मंडल में डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, अध्यक्ष योग आयोग, मध्य प्रदेश शासन; श्रम श्री सेवा संस्थान के पं. रामबाबू शर्मा; रघुवीर मीना, सरपंच मुबारकपुर; केदार सिंह मंडलोई, पूर्व ग्रामीण जिलाध्यक्ष; तीरथ मीणा, ग्रामीण जिलाध्यक्ष; कैलाश मिश्रा, पूर्व नगर निगम अध्यक्ष; लक्ष्मीनारायण कुशवाह, पं.
संतोष पाराशर, पं. देवदत्त शर्मा, पं. सी.के. चौबे, प्रवेश विजयवर्गी, लखन चंद्रवंशी, आर.एस. चाहर, राधे मेहरा, रामेश्वर पाटीदार, प्रवेश कुशवाह, पवन गुर्जर, राजेन्द्र दीक्षित, भूपेश भार्गव, वैभव सिसोदिया, अमित सक्सेना, विरेन रघुवंशी, कपिल शर्मा, राजेश पाठक, गजेन्द्र कंसाना, सुरेश पाटीदार, ओमप्रकाश किरार, दिलीप गुप्ता, अवधेश सेंगर, डी.के.
पिपलौदिया, सोहनसिंह राजपूत, अतुल अंजान, आनंद पाठक, रमन तिवारी, सुरेन्द्र धोटे, संजय शिवनानी, विष्णु राने, महेश मालवीय, खुशबू सिंह, नम्रता निगम, रेखा पटेल, बीएस कुशवाह, शिवकुमार, संजय श्रीवास्तव, महेश प्रताप सिंह बघेल, रामस्वरूप सेन, सुनील चौधरी, डॉ. पीके जैन, ब्रजेश गुप्ता, दीपक सिसौदिया, चन्द्रशेखर चंदेल, कृष्णा बुंदेला, चन्द्रप्रकाश गांधीनगर, अभिषेक दुबे, आर्किटेक्ट अमितेन्द्र श्रीवास्तव, डॉ.
प्रियेश बंसल, किशोर परयानी, एडवोकेट दिनेश सिंह चौहान, सरदार हरदीप सिंह, मोहन मीना, जनाब शाहनवाज खान, अखिलेश शुक्ला, पुरुषोत्तम तोतलानी, विकास शर्मा, पं. दिलीप शर्मा, मुरारी शर्मा, आर.पी. मालवीय, डॉ. ब्रजेश पाठक, दीपक खटीक, योगेश साहू, अमित तिवारी (गोलू), इन्द्रेश नागर और पं. संतोष भार्गव सहित अन्य लोग शामिल रहे।