इतिहास

पितृमोक्ष श्रीराम कथा महोत्सव के पांचवें दिवस उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पितृमोक्ष श्रीराम कथा महोत्सव के पांचवें दिवस उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

आचार्य मनोज अवस्थी महाराज ने सुनाए भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंग

भोपाल, 6 अक्टूबर। ध्यान विज्ञान परमार्थ संस्थान द्वारा आयोजित पितृमोक्ष श्रीराम कथा महोत्सव के पांचवें दिवस वायु प्राइड रेजिडेंसी, रक्षा विहार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंचे। कथा व्यास आचार्य मनोज अवस्थी महाराज ने भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंगों का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को प्रेम, संयम, सेवा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

आचार्य मनोज अवस्थी महाराज ने कहा कि “भगवान श्रीराम का जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां कैसी भी हों, मनुष्य को अपने संस्कार और मर्यादा नहीं छोड़नी चाहिए। जो व्यक्ति अपने कर्तव्य को ईमानदारी और निष्ठा से निभाता है, उसके जीवन में धर्म और सत्य का प्रकाश सदैव बना रहता है।”

महाराज ने कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान करते हुए कहा कि परिवार में प्रेम, बड़ों का सम्मान और समाज के प्रति सेवा भाव ही सच्चे संस्कार हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम के चरित्र से प्रेरणा लेकर मनुष्य अपने जीवन को बेहतर बना सकता है।

श्रीराम कथा से मिल रहा संस्कार और सेवा का संदेश

आयोजन के मुख्य आयोजक फ्लाइंग योगी राम मनोहर सिंह सेंगर, संस्थापक ध्यान विज्ञान परमार्थ संस्थान एवं चेयरमैन वायु बिल्डकॉन ग्रुप ऑफ कंपनीज ने कहा कि श्रीराम कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म के साथ-साथ संस्कार, सेवा, त्याग और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश मिल रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आगामी कथा में भी अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया।

कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जयघोष करते नजर आए। पूरे कथा परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। आयोजन समिति के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।