PM आवास के पास 'रेस कोर्स मस्जिद' को नोटिस, जानें वक्फ बोर्ड में कब से दर्ज और अभी क्या स्थिति?
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दिल्ली की ऐतिहासिक 'रेस कोर्स मस्जिद' को 6 दिन के भीतर खाली कराने को लेकर दिए गए नोटिस पर विवाद खड़ा हो गया है.
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) से लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर चिंता जताई है और सरकार के कार्रवाई रोकने की मांग की है. आखिर पूरा मामला क्या है, आइए जानते हैं.
मस्जिद का निर्माण कब हुआ?
मस्जिद का निर्माण करीब 125 साल पहले बताया जा रहा है.
दिल्ली वक्फ बोर्ड के सीईओ तनवीर अहमद ने बताया है कि मस्जिद और उससे लगा करीब दो बीघा का कब्रिस्तान 8 सितंबर 1977 को दिल्ली प्रशासन के गजट नोटिफिकेशन के तहत वक्फ संपत्ति के रूप में अधिसूचित किया गया है.
इसके अलावा मस्जिद का नाम NDMC की हेरिटेज लिस्ट में 22वें नंबर पर दर्ज है और यह UMEED पोर्टल पर भी रजिस्टर्ड है.
मस्जिद को अभी क्या नोटिस मिला?
इमाम की मानें तो मस्जिद को खाली कराने का अभी तक कोई लिखित आदेश नहीं है, केवल मौखिक रूप से कहा गया है. मस्जिद की लाइट और पानी सप्लाई को 7 अक्टूबर को ही काट दिया गया था.
मस्जिद में नमाज होने की स्थिति स्पष्ट नहीं है. इमाम का कहना है कि कभी नमाज की इजाजत मिल जाती है, कभी नहीं मिलती है. कल तक की स्थिति के मुताबिक बाहरी लोगों को मस्जिद के अंदर आने की इजाजत नहीं थी.
अब कल (शुक्रवार) है, देखना होगा कि कल क्या स्थिति रहती है.
मस्जिद के इमाम का क्या कहना है?
मस्जिद के इमाम का कहना है कि मस्जिद के साथ कभी कोई विवाद नहीं रहा है. 7 अक्टूबर को यहां झुग्गियों को तोड़ा गया और मस्जिद का बिजली पानी बंद कर दिया गया. यह वक्फ की संपति है.
वक्फ के रूप में रजिस्टर है. 40 साल से मैं यहां का इमाम हूं, कभी कोई शिकायत नहीं रही.'
उन्होंने आगे कहा, 'यहां झुग्गियों को लेकर कार्रवाई हुई. दो बीघा कब्रिस्तान वक्फ बोर्ड में गजट है.
मामले की जानकारी वक्फ को दी है, जिसके बाद बोर्ड ने लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L DO) को लिखा है कि यह हमारी मस्जिद है. नमाजियों
📡 स्रोत: ABP Live