PM मोदी ने GSMA बोर्ड सदस्यों से की मुलाकात, 6G-एआई पर हुई चर्चा
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नई दिल्ली, 06 अक्टूबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस से पहले मंगलवार को सेवा तीर्थ में ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन (GSMA) के बोर्ड सदस्यों के साथ बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक को समावेशी और टिकाऊ विकास का माध्यम बनना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने तकनीक के लोकतंत्रीकरण को जरूरी बताते हुए कहा कि डिजिटल सेवाएं खासकर ग्लोबल साउथ के लिए किफायती और सुलभ होनी चाहिए। उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की क्षमता पर भी जोर दिया और कहा कि यह विकासशील देशों के लिए परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकता है।
डिजिटल और साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती चुनौती पर प्रधानमंत्री ने तकनीक आधारित समाधान विकसित करने की जरूरत बताई। उन्होंने उपयोगकर्ताओं को संभावित फर्जी कॉल से सावधान करने के लिए लगातार जागरूकता संदेश चलाने का सुझाव दिया। डीपफेक और AI से तैयार सामग्री के बढ़ते खतरे के बीच उन्होंने ऐसी व्यवस्था तलाशने की बात कही, जिससे उपयोगकर्ता तुरंत उसके स्रोत की पहचान कर सकें।
GSMA बोर्ड सदस्यों ने भारत के डिजिटल और मोबाइल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव की सराहना की। उन्होंने 4G और 5G के विस्तार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और टेलीकॉम एवं मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र की प्रगति का उल्लेख किया। सदस्यों ने भारत के साथ 5G, 6G, AI, साइबर सुरक्षा, डिजिटल समावेशन और सैटेलाइट कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में वैश्विक सहयोग की संभावनाओं पर भी जोर दिया।
बैठक में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर, GSMA बोर्ड सदस्य और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Caption: GSMA बोर्ड सदस्यों से PM मोदी की मुलाकात.
Source: PIB
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर बताती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस (GSMA) के बोर्ड सदस्यों से 6G और एआई पर चर्चा की। यह विषय वैश्विक दूरसंचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को लेकर है, जो तकनीक को समावेशी और टिकाऊ विकास का माध्यम बनाने पर केंद्रित है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और वैश्विक स्तर पर 6G की तैयारी में तकनीकी नीति और निवेश के निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे देश की डिजिटल बुनियादी ढाँचे और प्रतिस्पर्धात्मकता पर असर पड़ेगा। आम जनता पर इसका असर बेहतर कनेक्टिवि