पोरी मेले में दिखेगा आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम

अगस्त 18, लाहौल-स्पीति (हिमाचल प्रदेश): लाहौल-स्पीति में राज्य स्तरीय पोरी मेला 21 से 23 अगस्त तक पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा। मेले को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने आज पोरी मेले का पोस्टर जारी किया और आयोजकों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। उपायुक्त ने कहा कि पोरी मेला लाहौल-स्पीति की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उदयपुर स्थित त्रिलोकीनाथ मंदिर हिंदू और बौद्ध दोनों समुदायों की साझा आस्था का प्रमुख केंद्र है। हिंदू श्रद्धालु भगवान त्रिलोकीनाथ को भगवान शिव के स्वरूप में, जबकि बौद्ध श्रद्धालु उन्हें आर्य अवलोकितेश्वर के रूप में पूजते हैं। यही धार्मिक समरसता पोरी मेले को विशेष पहचान देती है। तीन दिवसीय मेले में भव्य शोभा यात्रा, खेल प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक संध्याएं मुख्य आकर्षण रहेंगी। शोभा यात्रा में लाहौल की पारंपरिक वेशभूषा और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी, जबकि सांस्कृतिक संध्याओं में कलाकार लोकगीतों और लोकनृत्यों से समां बांधेंगे। उपायुक्त ने क्षेत्रवासियों और पर्यटकों से मेले में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा लाहौल-स्पीति की समृद्ध संस्कृति और धार्मिक विरासत का अनुभव करने की अपील की है।
कैप्शन: पोरी मेले का पोस्टर जारीकरते हुए उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना(दाएं) व अन्य