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पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं के पर्याप्त पंजीयन नहीं होने पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के विरुद्ध विभागीय जांच

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं के पर्याप्त पंजीयन नहीं होने पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के विरुद्ध विभागीय जांच

सम्भागायुक्त ने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण, प्रसव एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों के पोषण आहार और कुपोषित बच्चों के लिए किया जा रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उपायुक्त राजेन्द्र वर्मा एवं स्वास्थ्य विभाग के एवं महिला बाल विकास विभाग के संभागीय अधिकारी डॉ दीपक पिप्पल और राजेश मेहरा , राजीव बरसेना व संभाग के सभी जिलो के जिला अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि गर्भवती महिलाओं के पंजीयन का कार्य उज्जैन,आगर और रतलाम जिले में पिछड़ रहा है।रतलाम जिले के खासकर बाजना बिलपांक और सैलाना विकासखण्ड की स्थिति अधिक खराब है।संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि रियल टाइम में मॉनिटरिंग होना चाहिए और पंजीयन के कार्य में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी तो ब्लॉक मेडिकल अफसर के ही विरुद्ध कार्रवाई हो रही है यदि इसमें सुधार नहीं हुआ तो सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों से यह प्रमाणीकरण लिया जाए कि उनके कार्य क्षेत्र में कोई भी गर्भवती महिला पंजीयन से शेष नहीं है। बैठक में ऐसी गर्भवती महिलाएं जो हाई रिस्क श्रेणी में है उनकी जांच और डिलीवरी के प्रतिशत पर भी चिंता व्यक्त की गई और यह प्रतिशत राज्य के समकक्ष तक ले जाने के लिए कहा गया। संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने कहा कि कम से कम ऐसी महिलाओं को तीन दिन पहले ही हॉस्पिटल में भर्ती किया जाना चाहिए।

अनमोल पोर्टल पर डिलीवरी के प्रकरण भी अपडेट नहीं किए जा रहे हैं इस पर भी कमिश्नर ने नाराजगी व्यक्त की। संभाग आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जितने भी डाटा पोर्टल पर फीड किए जाते हैं शुद्ध होना चाहिए। डाटा में हेरफेर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा डाटा इंट्री गलत की,तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएंगी। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में डी ग्रेडिंग पर सिविल सर्जन आगर मालवा को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।रतलाम और आगर मालवा में हायपर टेंशन एवं डायबिटीज मरीजों का फालोअप कम होने पर फालोअप करवाने के निर्देश दिए ‌।

महिला बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि संभाग में 99.76 प्रतिशत कुपोषित बच्चों का वजन करवाया गया है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं के पंजीयन के अभाव पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के विरुद्ध विभागीय जांच के बारे में है। यह विषय मातृत्व एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और सुधार से जुड़ा है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पंजीयन न होने से गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच, टीकाकरण और प्रसव के बाद की देखभाल नहीं मिल पाती, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाएँ अधिक प्रभावी ढंग से लागू होंगी, जिससे मातृत्व और बाल स्वास्थ्य

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।