पोषण आहार संयंत्रों की जांच कराए सरकार:कांग्रेस विधायक बरैया ने CM को लेटर में लिखा- बच्चों और गर्भवती महिलाओं की मौतें चिंताजनक
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत आजीविका मिशन द्वारा संचालित पोषण आहार संयंत्रों की जांच कराने की मांग की है।
बरैया ने आरोप लगाया है कि पोषण आहार संयंत्रों के संचालन में अनियमितताओं और लापरवाही के कारण गर्भवती एवं धात्री महिलाओं और बच्चों को समय पर पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है।
बरैया ने लिखा- बच्चों और गर्भवती, धात्री महिलाओं की मौतें सामान्य नहीं बरैया ने पत्र में कहा है कि प्रदेश में आजीविका मिशन द्वारा संचालित पोषण आहार संयंत्रों के बंद होने और पोषण आहार की कमी से जुड़ी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि शिशुओं और गर्भवती-धात्री महिलाओं की मौतों को सामान्य घटनाओं के रूप में नहीं देखा जा सकता। सरकार को इस मामले में सक्रियता से कदम उठाने की जरूरत है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की तारीफ, संयंत्रों पर सवाल बरैया ने कहा कि आंगनवाड़ियों में काम करने वाली महिलाएं सराहनीय कार्य कर रही हैं, लेकिन पोषण आहार संयंत्रों में कथित भ्रष्टाचार के कारण लाभार्थियों को समय पर पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से संयंत्रों के संचालन, पोषण आहार की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की जांच कराने का आग्रह किया है।
पूर्व अधिकारियों की भूमिका पर लगाए आरोप विधायक ने पत्र में तत्कालीन मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और आजीविका मिशन के पूर्व सीईओ एवं सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी ललित मोहन बेलवाल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।
बरैया ने आरोप लगाया कि इनके कार्यकाल में पोषण आहार संयंत्रों में भ्रष्टाचार पनपा और जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि ललित मोहन बेलवाल से जुड़े एक नियुक्ति मामले में करीब दो वर्ष पहले आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक चालान पेश नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई की मांग बरैया ने मुख्यमंत्री से शिशुओं, गर्भवती और धात्री महिलाओं की असामान्य मौतों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा आजीविका मिशन के पोषण आहार संयंत्रों की जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने पोषण आहार के संचालन और वितरण में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है।
📡 स्रोत: NewsData.io