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प्रचलित मौसमी श्वसन संबंधी बीमारियों के रुझानों पर सरकार की कड़ी नजर

लेखक: AIR Raipur अंतिम अपडेट: 26 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
प्रचलित मौसमी श्वसन संबंधी बीमारियों के रुझानों पर सरकार की कड़ी नजर

रायपुर, 26 अगस्त 2026 सरकार, अखिल भारतीय निगरानी नेटवर्क के माध्यम से देश भर में प्रचलित मौसमी श्वसन संबंधी बीमारियों के रुझानों पर कड़ी नजर रख रही है।

नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा कि देश में वर्तमान में फैल रहे इन्फ्लूएंजा वायरस पिछले कुछ वर्षों में देखे गए मौसमी पैटर्न के अनुरूप हैं।

साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान अवलोकन किसी नए इन्फ्लूएंजा खतरे के उभरने का संकेत नहीं देते हैं और स्थिति सामान्य मौसमी इन्फ्लुएंजा जैसी ही है।

डॉ. बहल ने कहा कि हालांकि मौसमी इन्फ्लूएंजा आमतौर पर हल्का होता है, लेकिन कुछ व्यक्तियों में जटिलताएं विकसित होने का खतरा अधिक होता है, जिनमें बुजुर्ग, बच्चे और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित व्यक्ति शामिल हैं।

ऐसे व्यक्तियों को अधिक सावधानी बरतने और इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण विकसित होने पर समय पर चिकित्सा सलाह लेने की सलाह दी। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, थकान और कमजोरी शामिल हैं।

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