राजनीति

प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा का सरकार पर तीखा हमला

लेखक: AIR Shimla अंतिम अपडेट: 31 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

कहा : 31 अगस्त, 2022 को जारी कांग्रेस का गारंटी पत्र, 48 माह बाद भी मिल रही "इंतजार की गारंटी"

अगस्त 31, हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि 31 अगस्त, 2022 को कांग्रेस द्वारा हिमाचल की जनता के सामने रखी गई 10 गारंटियों को आज चार साल पूरे हो गए हैं, लेकिन इन 48 महीनों में अधिकांश गारंटियां धरातल पर उतरने का इंतजार कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 18 से 60 वर्ष तक की महिलाओं को हर माह 1500 रुपये देने, युवाओं को हर साल एक लाख रोजगार देने, 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने, कर्मचारियों-पेंशनरों के बकाया भुगतान, किसानों से दूध खरीदने और गोबर खरीदने सहित बड़े-बड़े वादे कर हर वर्ग को अपनी बातों में लपेटकर सत्ता हथियाई, लेकिन अब यही गारंटियां सरकार के लिए गले की फांस बन गई हैं।

उन्होंने कहा कि चार साल बाद भी अगर सरकार इन गारंटियों को पूरा करने के बजाय बहाने बना रही है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या महिलाओं और अन्य सभी वर्गों से किए गए ये वादे केवल चुनाव जीतने का राजनीतिक हथकंडा थे।

उन्होंने कहा कि सरकार को अब यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि 10 में से कितनी गारंटियां पूरी हुईं, कितनी अधूरी हैं और प्रदेश में कितनी महिलाओं को वास्तव में 1500 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं।

हिमकेयर योजना को लेकर भी राजेंद्र राणा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस योजना ने प्रदेश के आम परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का भरोसा दिया था, उसकी व्यवस्था को सरकार ने कमजोर कर दिया है। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल 10 गारंटियों पर श्वेतपत्र जारी कर प्रत्येक गारंटी की स्थिति सार्वजनिक करे।

उन्होंने कहा कि चार साल पहले जिस "गारंटी पत्र" के सहारे कांग्रेस सत्ता तक पहुंची थी, आज उसी का हिसाब देने का समय है। सरकार को आंकड़ों और उपलब्धियों के साथ जनता को जवाब देना चाहिए, क्योंकि चुनावी गारंटियां महज राजनीतिक घोषणाएं नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही का दस्तावेज हैं।

A
AIR Shimla

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।