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प्रदेश के प्रत्येक शालाविहीन स्कूल को मिलेगा पक्का भवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
प्रदेश के प्रत्येक शालाविहीन स्कूल को मिलेगा पक्का भवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर इंदौर के सांदीपनि शासकीय अहिल्या आश्रम कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 में आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम ‘एजुकेशन डायलॉग’ को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का विषय ‘आज का युवा, भविष्य का निर्माता-एजुकेशन डायलॉग, बेहतर शिक्षा के नए विचार’ था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयकों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों सहित 200 से अधिक युवा और शिक्षकों से सीधे संवाद किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा शिक्षा अधिकारियों से सीधे संवाद करते हुए उनके अनुभवों, चुनौतियों, प्राथमिकताओं और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से यह भी जाना कि वे अपने जिलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किस प्रकार काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि शिक्षा अधिकारियों को अपने जिले की स्थानीय परिस्थितियों, विद्यार्थियों की आवश्यकताओं और विद्यालयों की समस्याओं को समझते हुए परिणामोन्मुखी नेतृत्व करना चाहिए। स्थानीय समस्याओं के स्थानीय समाधान विकसित किए जाएं और जो नवाचार सफल हों, उन्हें दूसरे जिलों में भी लागू करने का प्रयास किया जाए।

उन्होंने कहा कि आज के युवा अधिकारी तकनीक को समझते हैं, तेजी से सीखते हैं और समस्याओं को नए दृष्टिकोण से देखने की क्षमता रखते हैं। यह क्षमता शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी ताकत है। युवा अधिकारी अपनी ऊर्जा और नवीन सोच का पूरा उपयोग विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने में करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान समय तेजी से बदल रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी तकनीक की भूमिका निरंतर बढ़ रही है। आज एआई, डिजिटल लर्निंग और आधुनिक तकनीक विद्यार्थियों के सीखने के नये अवसर उपलब्ध करा रही है। ऐसे में शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों को भी समय के साथ अपनी योग्यता बढ़ानी होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बेहतर कर सकते हैं। डिजिटल माध्यमों के साथ विद्यार्थियों को विषय की समझ, तार्किक क्षमता, प्रश्न पूछने की आदत और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने पर भी ध्यान दिया जाये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा अधिकारियों से कहा कि उनके कार्य की पहली प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि उनके जिले में कोई भी बच्चा पीछे नहीं रहे। प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति पर नजर रखी जाए। कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए विशेष रणनीति बनाई जाए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।