प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु और राष्ट्रकल्याण के लिए प्रस्तावित 51 कुंडीय शतचंडी महायज्ञ को लेकर मिर्ची बाबा ने उठाए सवाल
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भोपाल। नवरात्रि के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, जनकल्याण और ‘विजन@2047’ की सफलता की कामना को लेकर प्रस्तावित 51 कुंडीय शतचंडी महायज्ञ को लेकर धर्मगुरु एवं महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरी महाराज (मिर्ची बाबा) ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
मिर्ची बाबा के अनुसार, महायज्ञ के लिए करीब 108 फीट ऊंचे यज्ञ मंडप का निर्माण कराया जा रहा था। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान भितरवार के एसडीएम और थाना प्रभारी चिनौर द्वारा कथित तौर पर रात के समय वहां काम कर रहे मजदूरों को वहां से जाने के लिए कहा गया, जिससे यज्ञशाला का निर्माण प्रभावित हुआ।
मिर्ची बाबा ने कहा कि प्रस्तावित यज्ञ सनातन परंपरा के अनुरूप राष्ट्र की उन्नति, जनकल्याण और प्रधानमंत्री के बेहतर स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि धार्मिक आयोजन के लिए तैयार किए जा रहे यज्ञ मंडप के निर्माण में प्रशासनिक स्तर पर कथित रूप से बाधा क्यों डाली जा रही है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन को लेकर प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की अनुमति या प्रशासनिक औपचारिकता आवश्यक है तो आयोजकों को उसकी जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
मिर्ची बाबा ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी दी है। उन्होंने प्रशासन से यज्ञशाला के निर्माण में आ रही कथित बाधाओं को दूर करने और धार्मिक आयोजन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यज्ञ सनातन परंपरा का हिस्सा है और इसका उद्देश्य लोककल्याण तथा राष्ट्रहित की कामना करना है। ऐसे आयोजन में प्रशासनिक स्तर पर समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
हालांकि, यज्ञशाला के निर्माण को लेकर प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक पक्ष इस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।