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प्रधानमंत्री मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति पारमेलिन आज दूसरे भारत-ईएफटीए समृद्धि शिखर सम्मेलन-2026 को संबोधित करेंगे

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
प्रधानमंत्री मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति पारमेलिन आज दूसरे भारत-ईएफटीए समृद्धि शिखर सम्मेलन-2026 को संबोधित करेंगे

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाई पारमेलिन आज भारत मंडपम में दूसरे भारत-ईएफटीए समृद्धि शिखर सम्मेलन-2026 को संबोधित करेंगे। यह सम्मेलन भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के साथ व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते-टीईपीए की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।

सम्मेलन में भारत और ईएफटीए के सदस्य देशों-स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के करोबारी और प्रमुख हितधारक शामिल होंगे। इसका उद्देश्य आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना, व्‍यापारिक साझेदारियां बढ़ाना तथा निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और नवाचार के नए अवसर तलाशना है।

“10 खरब डॉलर की निवेश साझेदारी और भारत में 10 लाख रोजगार सृजित करना” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में टीईपीए की प्रगति की समीक्षा, नए निवेश की घोषणाएं, उद्योग और सरकार के बीच सहयोग मजबूत करने तथा प्रमुख क्षेत्रों में अवसर तलाशने पर चर्चा होगी। राष्ट्रपति गाई पारमेलिन तीन दिन की भारत यात्रा पर हैं। भारत और ईएफटीए के बीच टीईपीए पिछले वर्ष 1 अक्टूबर से लागू हुआ था।

इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाई पारमेलिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी। इस दौरान परिवहन प्रौद्योगिकी, मोबिलिटी प्रणालियों और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने से जुड़े कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों के प्रति राष्ट्रपति गाई पारमेलिन की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले वर्ष अक्टूबर में ईएफटीए देशों के साथ ऐतिहासिक व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता लागू किया।

राष्ट्रपति गाई पारमेलिन ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापक और मजबूत संबंधों को और आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने टीईपीए के लागू होने की पहली वर्षगांठ को दोनों देशों के बीच हुई प्रगति की समीक्षा और भविष्य में सहयोग के नए अवसर तलाशने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।