प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से निरंतर कौशल विकास और नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेजी से हो रही तकनीकी प्रगति के बीच युवाओं से निरंतर कौशल उन्नयन और उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुकूल स्वयं को ढालने की आवश्यकता पर बल दिया है।
आज नई दिल्ली में विश्व कौशल प्रतियोगिता – वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में शामिल भारतीय टीम के सदस्यों से संवाद में उन्होंने यह बात कही। श्री मोदी ने प्रतिभागियों से अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने और अपने अनुभवों से देश के कौशल प्रशिक्षण तंत्र को बेहतर बनाने में योगदान देने को कहा। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक कौशल अकादमिक डिग्री के समान ही महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण संस्थानों का महत्व आईआईटी और आईआईएम से कम नहीं है। संवाद के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव भी साझा किए।
48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026, चीन के राष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन केंद्र में 22 से 27 सितंबर तक आयोजित की गई थी। टीम इंडिया ने प्रतियोगिता में 10वां स्थान प्राप्त किया और 6 रजत पदक और उत्कृष्टता के लिए 20 पदक जीते।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को निरंतर कौशल विकास और नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह विषय भारत के युवा वर्ग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम बनाने के उद्देश्य से है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में कौशल की कमी से रोजगार के अवसर घट सकते हैं। मोदी की बात से युवाओं में आत्म-विश्वास बढ़ेगा और वे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार अपनी क्षमताओं को निखारेंगे। इससे आम जनता को बेहतर नौकरियों, आर्थिक स्थिरता और देश की समग्र विकासशीलता में योगदान मिलेगा।