प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत को तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनते हुए देख रही दुनिया
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प्रधानमंत्री ने कहा कि एस.आर.सी.सी. ने वर्षों से छात्रों की कई पीढ़ियों को सीखने, आगे बढ़ने और समाज में बदलाव लाने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय ने वर्षों से अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने एस.आर.सी.सी. के पूर्व छात्रों को बेहद खास बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली भी एस.आर.सी.सी. के पूर्व छात्र थे। उन्होंने कहा कि एस.आर.सी.सी. के पूर्व छात्रों ने कला से लेकर राजनीति तक, हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीय मिलकर भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाएंगे।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत नीतिगत गतिरोध से नीतिगत गतिशीलता की ओर एक लंबा सफर तय कर चुका है। श्री मोदी ने एसआरसीसी के छात्रों की भी सराहना की, जिन्होंने इसकी शान को वैश्विक मंच पर पहुंचाया है।
इससे पूर्व, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने अपने भाषण में एस.आर.सी.सी. द्वारा वर्षों से उच्च स्तर बनाए रखने की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में कुशल मानव संसाधनों की आवश्यकता है। केन्द्रीय मंत्री ने इसे युवा आबादी के लिए एक अवसर बताया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एस.आर.सी.सी. के शताब्दी समारोह में भाग लेने के लिए दिल्ली मेट्रो से गए।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एस.आर.सी.सी. के महत्व पर प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि यह संस्था छात्रों को सीखने, आगे बढ़ने और समाज में बदलाव लाने का अवसर देती है। यह विषय शिक्षा और राष्ट्रीय विकास के संगम पर है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि मोदी ने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली जैसे प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों का उल्लेख किया, जिससे संस्था की विश्वसनीयता और प्रभाव स्पष्ट होता है। इससे आम जनता को यह संदेश मिलता है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से व्यक्तिगत और सामाजिक उन्नति संभव है, और यह प्रेरणा तथा निवेश के ल