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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रूर्बन मिशन से किन्नौर को मिले 30 करोड : सूरत नेगी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रूर्बन मिशन से किन्नौर को मिले 30 करोड : सूरत नेगी

अगस्त 15, किन्नौर (हिमाचल प्रदेश): भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं हिमाचल प्रदेश वन निगम के पूर्व उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में शहरों जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन प्रारंभ किया।

इस महत्त्वाकांक्षी योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की संस्कृति और पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधारभूत सुविधाओं, रोजगार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के अंतर्गत देशभर में कुल 300 रूर्बन क्लस्टर स्वीकृत किए गए, जिनमें 109 जनजातीय तथा 191 गैर-जनजातीय क्लस्टर शामिल हैं।

जनजातीय क्षेत्रों को दी गई इस विशेष प्राथमिकता के कारण सीमावर्ती एवं जनजातीय जिला किन्नौर को दो रूर्बन क्लस्टरों के माध्यम से कुल ₹30 करोड़ की विकास राशि प्राप्त हुई। नेगी ने बताया कि किन्नौर जिले के लिए स्वीकृत प्रत्येक क्लस्टर को ₹15 करोड़ प्रदान किए गए। पहले क्लस्टर में मूरंग, ठंगी, कुन्नू-चारंग और रिस्पा पंचायतों को शामिल किया गया, जबकि दूसरे क्लस्टर में सांगला, कामरू, चांसू, थेमगारंग, बटसेरी, रक्छम और छितकुल पंचायतों को सम्मिलित किया गया।

उन्होंने बताया कि सांगला क्लस्टर में शामिल पंचायतों को विकास कार्यों के लिए लगभग ₹2-2 करोड़ की राशि उपलब्ध करवाई गई। वहीं, मूरंग क्लस्टर में कुल ₹15 करोड़ में से लगभग ₹12 करोड़ 80 लाख मूरंग पंचायत तथा शेष ₹2 करोड़ 20 लाख ठंगी, कुन्नू-चारंग और रिस्पा पंचायतों के विकास कार्यों के लिए दिए गए।

इस योजना के माध्यम से चयनित पंचायतों में पेयजल, सड़क, गलियों एवं नालियों का निर्माण, स्ट्रीट लाइट, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाएँ, कौशल विकास, कृषि-बागवानी उत्पादों का प्रसंस्करण, पर्यटन, डिजिटल सेवाएँ तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन विकसित करने का प्रावधान किया गया है।

योजना का उद्देश्य गाँवों से शहरों की ओर पलायन रोकते हुए ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। सूरत नेगी ने कहा, “मैं जनजातीय क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देते हुए 109 जनजातीय क्लस्टर स्वीकृत करने के लिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।

प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शी सोच के कारण जनजातीय जिला किन्नौर को दो क्लस्टरों के माध्यम से ₹30 करोड़ की बड़ी विकास राशि प्राप्त हुई।” उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की तत्कालीन भाजपा सरकार के प्रयासों से दोनों क्लस्टरों की विस्तृत परियोजना रिपोर्टडीपीआर समय पर तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी गई।

इसी सक्रियता के कारण ये परियोजनाएँ समय रहते स्वीकृत हो सकीं और किन्नौर की पंचायतों को विकास के लिए इतनी बड़ी धनराशि प्राप्त हुई। नेगी ने कहा कि इस परियोजना का धरातल पर सबसे बेहतरीन और प्रभावी कार्य मूरंग पंचायत में हुआ है। योजना के उचित क्रियान्वयन तथा विकास कार्यों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए मूरंग पंचायत के स्थानीय प्रतिनिधि और समस्त क्षेत्रवासी बधाई के पात्र हैं।

उन्होंने कहा कि रूर्बन मिशन इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के सीमावर्ती, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।