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प्राकृतिक खूबसूरती और गौतम बुद्ध से जुड़ी आस्था का संगम बना रांची का जोन्हा जलप्रपात

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
प्राकृतिक खूबसूरती और गौतम बुद्ध से जुड़ी आस्था का संगम बना रांची का जोन्हा जलप्रपात

रांची का जोन्हा फॉल, प्रकृति और आध्यात्म का संगम, गौतमधारा नाम से भी प्रसिद्ध है जोन्हा जलप्रपात, भगवान गौतम बुद्ध से जुड़ी हैं मान्यताएं, झरने की खूबसूरती और बुद्ध मंदिर आकर्षण का केन्द्र।

Short Headline: प्राकृतिक खूबसूरती और गौतम बुद्ध से जुड़ी आस्था का संगम बना रांची का जोन्हा जलप्रपात

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रांची का जोन्हा फॉल, प्रकृति और आध्यात्म का संगम

गौतमधारा नाम से भी प्रसिद्ध है जोन्हा जलप्रपात

भगवान गौतम बुद्ध से जुड़ी हैं मान्यताएं झरने की खूबसूरती और बुद्ध मंदिर आकर्षण का केन्द्र

एंकर झारखंड राज्य प्राकृतिक संपदाओं, पर्यटन स्थलों और आध्यात्मिक धरोहरों के कारण वैश्विक पटल पर जाना जाता है। राजधानी रांची भी उन्हीं में से एक हैं, इसे सिटी ऑफ फॉल्स के नाम से भी जाना जाता है और विभिन्न प्रदेशों से पर्यटक वनों से घिरे पहाड़ों की ऊंचाई से गिरने वाले जल प्रपातों का दीदार करने आते हैं। इनमें से एक है जोन्हा जलप्रपात, जिसकी गौतमधारा इन दिनों अपनी भव्यता प्रदर्शित कर रही है।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ 01. रांची-पुरुलिया मार्ग पर जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर जोन्हा जलप्रपात, झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार है। स्थानीय गांव के नाम पर इसे जोन्हा फॉल कहा जाता है, जबकि गौतम बुद्ध से जुड़े धार्मिक स्थल के कारण इसे गौतमधारा भी कहा जाता है। चारों ओर हरियाली और चट्टानों के बीच गिरता झरना पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव कराता है।

बाइट- तीन पर्यटक

वीओ 02. गौतमधारा में प्रकृति और आध्यात्मिकता एक साथ दिखाई देती है। सात सौ से अधिक सीढ़ियों से उतरने के बाद 141 फीट की ऊंचाई से गिरती गौतमधारा, आसपास की हरियाली और बुद्ध मंदिर का शांत वातावरण पर्यटकों को अलग अनुभव देता है। पर्यटन विभाग के अनुसार यह स्थल सड़क और रेल मार्ग से जुड़ा हुआ है।

बाइट- तीन पर्यटक

वीओ 03. जोन्हा फॉल का एक खास पहलू इसका भगवान गौतम बुद्ध से जुड़ाव है। यहां बुद्ध को समर्पित मंदिर और धार्मिक स्थल मौजूद हैं। स्थानीय और धार्मिक मान्यताओं में इस क्षेत्र को भगवान बुद्ध से जोड़ा जाता है। यही वजह है कि यह स्थान केवल पर्यटन ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक आस्था का केंद्र भी माना जाता है।

बाइट- दो स्थानीय

अंतिम वीओ जोन्हा फॉल यानी गौतमधारा, रांची के पर्यटन मानचित्र पर प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक विरासत का अनूठा संगम है। जलप्रपात की खूबसूरती के साथ भगवान गौतम बुद्ध से जुड़ी मान्यताएं इस स्थल को अलग पहचान देती हैं। यही वजह है कि गौतमधारा पर्यटकों और आध्यात्मिक रुचि रखने वाले लोगों, दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

क्लोजिंग पीटूसी

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।