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प्रयागराज में त्रिवेणी कला उत्सव'शुरू, हरियाणवी नृत्यों ने मन मोहा:'छोरा मैं हरियाणे का' गीत पर धमाल नृत्य, दर्शकों ने खूब बजाई तालियां

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
प्रयागराज में त्रिवेणी कला उत्सव'शुरू, हरियाणवी नृत्यों ने मन मोहा:'छोरा मैं हरियाणे का' गीत पर धमाल नृत्य, दर्शकों ने खूब बजाई तालियां

प्रयागराज शहर के उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) के प्रेक्षागृह में सोमवार को शिव स्तुति की गूंज, हरियाणवी लोकगीतों की मिठास और घूमर-धमाल की शानदार थिरकन देखने को मिली। अवसर था तीन दिवसीय 'त्रिवेणी कला उत्सव' के भव्य शुभारंभ का। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन एनसीजेडसीसी और हरियाणा कला परिषद के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस उत्सव के पहले दिन हरियाणवी कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को देर तक बांधे रखा। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो.

रज्जू भैया न्यास संघ के सचिव राकेश कुमार सेंगर, हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष महेश जोशी, एनसीजेडसीसी के निदेशक सुदेश शर्मा, उपनिदेशक डॉ.

मुकेश उपाध्याय और सलाहकार कल्पना सहाय ने दीप जलाकर किया। सांस्कृतिक संध्या का शानदार आगाज पुनीत राठा ने शिव स्तुति 'तू राजा की राजदुलाली, मैं सिर्फ लंगोटे आला' से किया, जिससे पूरा माहौल शिवमय हो गया। इसके बाद प्रकाश मलिक और उनके साथी कलाकारों ने 'मैं नई नवेली आई, फागुन में ब्याह ली' गीत पर मनमोहक हरियाणवी घूमर नृत्य पेश किया।

प्रवीण शर्मा, संदीप, मोहित और आर्यन की टीम ने 'छोरा मैं हरियाणे का' गीत पर जबर्दस्त धमाल नृत्य किया, जिसने वहां मौजूद सभी दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं, प्रियंका, कोमल, रामभतेरी, नेहा और रितु ने कई चर्चित लोकगीतों, जैसे- के सपने का जिक्र करूं...और 'बालम मेरा बांका...'पर बेहतरीन समूह नृत्य प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी।

इसके अलावा कलाकारों ने देशभक्ति से ओतप्रोत रागिनी गाकर दर्शकों में देशप्रेम का जोश भर दिया। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन आकाश अग्रवाल ने किया। उत्सव के उल्लास के बीच, सोमवार को केंद्र की महात्मा गांधी कला वीथिका में स्वच्छता पखवाड़ा (स्पेशल कैंपेन 6) के तहत स्वच्छता थीम पर एक पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।

इसमें स्कूल और कॉलेज के लगभग 12 विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी रचनात्मकता दिखाई। त्रिवेणी कला उत्सव के दूसरे दिन, यानी मंगलवार को 'द्रौपदी गाथा' नाटक का खास मंचन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक नाटक के जरिए दर्शक महाभारत की सबसे महत्वपूर्ण पात्र द्रौपदी के जीवन संघर्ष और उनकी कहानी के विभिन्न पहलुओं को मंच पर जीवंत होते हुए देख सकेंगे

📡 स्रोत: NewsData.io

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