पूजा भट्ट संग मारपीट के आरोपों पर रणवीर शौरी ने तोड़ी चुप्पी, बोले- प्रोपेगेंडा और बदनामी थी
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एक्टर पूजा भट्ट और रणवीर शौरी अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर खबरों में आ गए हैं.
हाल ही में पूजा भट्ट के भाई राहुल भट्ट ने पूजा और रणवीर शौरी की लड़ाई को लेकर रिएक्ट किया और कहा कि उन्हें इस बात का पछतावा है कि उन्होंने रणवीर शौरी को पीटा था. अब रणवीर शौरी ने भी इस पर रिएक्ट किया है.
रणवीर ने X पर लिखा, 'मुझे खुशी है कि 20 से ज़्यादा सालों के बेकार प्रोपेगेंडा और बदनामी के बाद आखिरकार कुछ सच सामने आया है.
मैं इसमें कुछ ऐसी बातें जोड़ना चाहता हूं जो पहले सामने नहीं आईं ताकि ये मामला हमेशा के लिए खत्म हो सके और में रेस्ट कर सकूं.
किसी टॉक्सिक इंसान से बचने के लिए हिंसा के खिलाफ खुद का बचाव करना 'मारना-पीटना' नहीं होता है.'
राहुल भट्ट ने कहा था ये
राहुल भट्ट ने सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में कहा था कि उन्हें इस बात का पछतावा है कि उन्होंने रणवीर के साथ मारपीट की थी.
दरअसल, पूजा और रणवीर के बीच में झगड़ा हुआ था और उस झगड़ा में रणवीर ने पूजा को हिट किया.
आगे राहुल ने कहा जब उन्हें इसके बारे में पता चला तो उन्हें बहुत बुरा लगा और वो गुस्से में आ गए. इसके बाद उन्होंने रणवीर की पसली तोड़ दी और उनकी गाड़ी का कांच तोड़ दिया.
राहुल ने कहा कि उन्हें पछतावा है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया. उन्होंने कानून को अपने हाथ में क्यों लिया. इसके बाद राहुल अरेस्ट भी हुए थे.
लेकिन रणवीर ने उनके साथ समझौता किया और राहुल के खिलाफ दर्ज शिकायत वापस ली गई.
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मालूम हो कि 2000 में राहुल और पूजा रिलेशनशिप में थे. दोनों फिल्म 'जिस्म' से करीब आए. फिर दोनों एक साथ रहने लगे. लेकिन 2002 में दोनों का रिलेशनशिप खत्म ह
📡 स्रोत: ABP Live Film
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर बॉलीवुड के दो प्रमुख कलाकारों, पूजा भट्ट और रणवीर शौरी, के बीच व्यक्तिगत झगड़े पर आधारित है, जिसमें पूजा के भाई ने मारपीट के आरोपों पर रिएक्ट किया और शौरी ने X पर जवाब दिया। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारतीय सिनेमा के दो बड़े नामों के बीच विवाद को उजागर करता है, जो मीडिया और सोशल नेटवर्क पर लगातार चर्चा में रहा है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि दर्शकों को इन कलाकारों के निजी जीवन पर अधिक ध्यान देने के बजाय उनके कार्यों और पेशेवर योगदान पर फोकस करना पड़े, साथ ही ऑनलाइन ब
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
हिंसा कभी समाधान नहीं होती; विवादों का समाधान संवाद, कानूनी मार्ग और सहानुभूति से होना चाहिए। जब सार्वजनिक हस्तियाँ भी संघर्ष में फँसती हैं, तो हमें यह याद रखना चाहिए कि हर व्यक्ति की गरिमा का सम्मान करना समाज की प्रगति का आधार है। संघर्ष के समय संयम और शांति की ओर कदम बढ़ाना, न कि आक्रामकता, हमें एक स्वस्थ, न्यायपूर्ण समाज की ओर ले जाता है।