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पुलिस कार्रवाई में देरी का आरोप, बालिस्ता रावत ने छोला मंदिर थाने में सौंपा ज्ञापन

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 10 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पुलिस कार्रवाई में देरी का आरोप, बालिस्ता रावत ने छोला मंदिर थाने में सौंपा ज्ञापन

भोपाल। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व भोपाल जिला प्रभारी बालिस्ता रावत ने छोला मंदिर थाने में ज्ञापन सौंपकर एक मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी सरस्वती तिवारी की अनुपस्थिति में ज्ञापन एसआई कुंवर मालवीय को सौंपा गया।

रावत के अनुसार, गिरधारी लाल भारद्वाज के आग्रह पर वीरेंद्र राठौर ने 27 अक्टूबर 2024 को भोपाल स्थित टीवीएस शोरूम से डाउन पेमेंट जमा कर TVS जुपिटर वाहन क्रमांक MP04 YD 5717 को तीन वर्ष के लिए फाइनेंस कराया था। इसकी मासिक किस्त 3548 रुपए निर्धारित थी। रावत का आरोप है कि अप्रैल 2026 में गिरधारी लाल भारद्वाज ने वीरेंद्र राठौर के नाम पर फाइनेंस वाहन को राहुल नामक व्यक्ति को बेच दिया और इसके बाद वाहन की किस्त जमा करना बंद कर दिया।

ज्ञापन में कहा गया है कि वाहन के फाइनेंस की शेष 19 किस्तों की राशि 67,412 रुपए बताई गई है। रावत के अनुसार, किस्तें जमा नहीं होने के कारण वीरेंद्र राठौर को स्वयं भुगतान करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि इस स्थिति से राठौर का सिविल प्रभावित हो रहा है और बैंक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी भी उसके घर पहुंचकर भुगतान के लिए परेशान कर रहे हैं।

रावत ने बताया कि 3 अगस्त 2026 को इसी वाहन पर तीन लोगों के सवार होकर चलने और हेलमेट नहीं पहनने के मामले में वीरेंद्र राठौर के मोबाइल नंबर पर ई-चालान भेजा गया। ज्ञापन के अनुसार ई-चालान नोटिस संख्या 203494996 है। रावत का कहना है कि वाहन किसी अन्य व्यक्ति के पास होने के बावजूद चालान वीरेंद्र राठौर के नाम पर आने से उसकी परेशानी और बढ़ गई है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वीरेंद्र राठौर ने 18 अगस्त 2026 को गिरधारी लाल भारद्वाज और राहुल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर छोला मंदिर थाने में आवेदन दिया था। रावत के अनुसार, उसी दिन थाने के एसआई राम प्रसाद भारती ने राहुल को फोन कर थाने बुलाया, लेकिन वह नहीं आया। इसके बाद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

बालिस्ता रावत ने पुलिस से मामले की जांच कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई करने और वीरेंद्र राठौर को राहत दिलाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों के नाम, पता और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने के बावजूद कार्रवाई में देरी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।

रावत ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर मामले में कार्रवाई नहीं हुई और वीरेंद्र राठौर को न्याय नहीं मिला तो वह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर मामले में आरोपियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे।

ज्ञापन में लगाए गए आरोपों और पुलिस की कार्यप्रणाली संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर भोपाल में पुलिस कार्रवाई में देरी के आरोप पर आधारित है, जहाँ भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बालिस्ता रावत ने छोला मंदिर थाने में ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की माँग की है। यह विषय पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल उठाता है, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और नागरिक विश्वास पर चर्चा होती है। इस प्रकार के आरोप सार्वजनिक सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता को उजागर करते हैं, जिससे जनता को यह विश्वास हो सकता है कि कानून व्यवस्था में समय पर औ

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।