पुलिस लाइन और नगर पालिका में बनेगी आकर्षक झांकी:देवरिया में जन्माष्टमी की तैयारियां तेज, 4 सितंबर की रात होगा जन्मोत्सव
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →देवरिया में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारी तेज हो गई है। पुलिस लाइन स्थित शिव मंदिर और नगर पालिका परिषद परिसर में होने वाले जन्मोत्सव शहर के प्रमुख आकर्षण रहेंगे। 4 सितंबर की रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ मुख्य कार्यक्रम होंगे।
इसके लिए मंदिर समितियों और आयोजकों ने सजावट, विद्युत झालर, फूलों और झांकियों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर के बालाजी मंदिर, रामजानकी मंदिर, श्याम मंदिर समेत छोटे-बड़े मंदिरों में भी जन्मोत्सव की तैयारियां चल रही हैं।
पुलिस लाइन में तैयार हो रही कृष्ण की झांकी पुलिस लाइन स्थित शिव मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकी तैयार की जा रही है। मंदिर में रंग-रोगन और पत्थर का काम पूरा हो चुका है। जन्माष्टमी के दिन यहां विशेष दर्शन और झांकी की व्यवस्था रहेगी।
जन्माष्टमी के अगले दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर परिसर में व्यवस्थाएं की जा रही हैं। नगर पालिका परिसर में विशेष सजावट नगर पालिका परिषद परिसर में वर्षों से चली आ रही कृष्ण जन्मोत्सव की परंपरा इस वर्ष भी जारी रहेगी। परिसर को बिजली की झालरों और फूलों से सजाया जा रहा है।
आने-जाने के रास्तों और पंडाल की व्यवस्था भी शुरू हो गई है। आकर्षक झांकी तैयार करने के लिए बाहर से कारीगर बुलाए गए हैं। नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रवेश और निकास के रास्ते अलग-अलग बनाए जा रहे हैं।
जन्माष्टमी के अगले दिन भी रहेगी भीड़ पुलिस लाइन और नगर पालिका परिषद परिसर में जन्मोत्सव के दौरान दो दिनों तक मेले जैसा माहौल रहता है। जन्माष्टमी की रात के बाद अगले दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु झांकी और दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
इसी को देखते हुए आयोजकों की ओर से भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। शहर के मंदिरों में भी होंगे विशेष आयोजन कसया रोड स्थित बालाजी मंदिर, गोरखपुर रोड स्थित रामजानकी मंदिर और सिंधी मिल स्थित श्याम मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भी कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
यहां भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ झांकियां, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम होंगे। जन्माष्टमी की रात श्रद्धालु बाल स्वरूप में भगवान कृष्ण के दर्शन करेंगे। आधी रात को होगा श्रीकृष्ण जन्म जन्माष्टमी के मुख्य कार्यक्रम में मध्यरात्रि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
जन्म के समय मंदिरों में घंटा-घड़ियाल बजेंगे और आरती की जाएगी। इसके बाद माखन-मिश्री, पंचामृत और प्रसाद का वितरण होगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर समितियां व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।
बाजार में बढ़ी राधा-कृष्ण की पोशाकों की मांग जन्माष्टमी को लेकर शहर के बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। दुकानों पर बाल गोपाल की पोशाक, मुकुट, बांसुरी, मोरपंख, झूले और श्रृंगार सामग्री उपलब्ध है। अभिभावक बच्चों के लिए कृष्ण-राधा की वेशभूषा खरीद रहे हैं।
स्कूलों में होने वाले कार्यक्रमों के चलते बच्चों की पोशाकों की मांग भी बढ़ गई है। स्कूलों में भी कार्यक्रम की तैयारी जन्माष्टमी को लेकर विद्यालयों में भी विशेष कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है। छात्र-छात्राओं को राधा-कृष्ण की वेशभूषा में तैयार किया जाएगा।
स्कूलों में कृष्ण जन्म से जुड़ी झांकियां, नृत्य, भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। कई विद्यालयों में मटकी सजाने और कृष्ण-राधा की झांकी तैयार करने की गतिविधियां भी कराई जा रही हैं। शिक्षक बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों से परिचित कराने की तैयारी में जुटे हैं।
📡 स्रोत: NewsData.io