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पूर्णिया में स्कूलों की डिजिटल निगरानी, गूगल मीट से औचक निरीक्षण कर रहे डीएम

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पूर्णिया में स्कूलों की डिजिटल निगरानी, गूगल मीट से औचक निरीक्षण कर रहे डीएम

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पूर्णिया में स्कूलों की डिजिटल निगरानी, गूगल मीट से औचक निरीक्षण कर रहे डीएम

पूर्णिया में डीएम अंशुल कुमार गूगल मीट से 10-15 सरकारी स्कूलों की औचक निगरानी कर रहे हैं। उपस्थिति, ड्रेस कोड, स्वच्छता और शिक्षा व्यवस्था की ऑनलाइन समीक्षा हो रही है।

26 सितंबर , पूर्णिया (पूर्णिया , बिहार) : जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था और विद्यालय संचालन की निगरानी को अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। अब विद्यालयों की व्यवस्था की समीक्षा केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर नहीं, बल्कि ऑनलाइन माध्यम से भी की जा रही है। जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार स्वयं गूगल मीट के माध्यम से विद्यालयों की औचक निगरानी कर रहे हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार, इस पहल के तहत रैंडम तरीके से जिले के करीब 10 से 15 सरकारी विद्यालयों को एक साथ गूगल मीट से जोड़ा जाता है। ऑनलाइन बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी स्वयं विद्यालयों की स्थिति की जानकारी लेते हैं और शिक्षकों तथा विद्यालय प्रबंधन से आवश्यक बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त करते हैं। इस दौरान विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, ड्रेस कोड, साफ-सफाई, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यालय संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जाती है।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यालयों में शिक्षक और विद्यार्थी निर्धारित समय पर उपस्थित रहें तथा सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रभावी क्रियान्वयन हो। अचानक ऑनलाइन निगरानी के माध्यम से विद्यालयों की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी के अनुसार, गूगल मीट के जरिए रैंडम विद्यालयों को जोड़कर जिला स्तर से सीधे उनकी स्थिति की समीक्षा की जाती है। इससे विद्यालयों में नियमितता, अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

जिला प्रशासन की इस पहल को अभिभावकों की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालयों की नियमित निगरानी से शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई की व्यवस्था में सुधार हो सकता है।

प्रशासन के अनुसार, तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था का उद्देश्य विद्यालयों पर अतिरिक्त दबाव बनाना नहीं, बल्कि उनकी वास्तविक स्थिति की नियमित जानकारी लेकर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना है। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि इस डिजिटल पहल से विद्यालयों में अनुशासन, जवाबदेही और शैक्षणिक वातावरण को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

इस स्टोरी फोल्डर में :

बाइट - रविंद्र कुमार प्रकाश, जिला शिक्षा पदाधिकारी पूर्णिया

बाइट - अंजू देवी, अभिभावक

Caption : पूर्णिया में डीएम अंशुल कुमार गूगल मीट से 10-15 सरकारी स्कूलों की औचक निगरानी कर रहे हैं। उपस्थिति, ड्रेस कोड, स्वच्छता और शिक्षा व्यवस्था की ऑनलाइन समीक्षा हो रही है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

पूर्णिया में शिक्षा विभाग के निदेशक अंशुल कुमार ने गूगल मीट के माध्यम से 10-15 सरकारी स्कूलों की डिजिटल निगरानी शुरू की है। इस कदम का उद्देश्य उपस्थिति, ड्रेस कोड, स्वच्छता और शिक्षण व्यवस्था की ऑनलाइन समीक्षा कर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए डिजिटल टूल्स के उपयोग को दर्शाती है, जिससे स्कूलों में अनुशासन और शिक्षा मानकों में सुधार की उम्मीद है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि छात्रों को बेहतर शिक्षण माहौल मिलेगा, शिक्षकों

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।