अपराध

पहले पुरुष था, जेंडर चेंज के बाद बनी ‘लेडी अघोरी:चिता से मांस खाने वाले काली नंद गिरी पर शादी और ठगी के पुराने आरोप

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 3 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पहले पुरुष था, जेंडर चेंज के बाद बनी ‘लेडी अघोरी:चिता से मांस खाने वाले काली नंद गिरी पर शादी और ठगी के पुराने आरोप

’: उज्जैन में जलती चिता से मानव मांस खाने का VIDEO वायरल होने के बाद चर्चा में आई काली नंद गिरी के पुराने कारनामे भी अब सामने आ रहे हैं। आरोप है कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में उसने कई विवाद खड़े किए।

श्मशान में रहने वाले तांत्रिक विष्णुनाथ महाराज का दावा है कि काली नंद गिरी पहले पुरुष थी और उसकी पहचान अल्लूरी श्रीनिवास के नाम से थी। बाद में जेंडर चेंज कराया और किन्नर के रूप में पहचान बनाई। इसके बाद ‘लेडी अघोरी’ के नाम से सोशल मीडिया पर पहचान बनाई।

काली नंद गिरी पर एक छात्रा को झांसे में लेकर शादी करने और एक महिला से तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर 10 लाख रुपए लेने के आरोप भी सामने आ चुके हैं। इन मामलों को लेकर तेलंगाना में पुलिस शिकायत और गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई थी। अब उज्जैन में जलती चिता के पास बनाए गए VIDEO ने उसे फिर सुर्खियों में ला दिया है।

वायरल VIDEO के बाद श्मशान में रहने वाले तांत्रिक विष्णुनाथ महाराज ने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने BNS की धारा 301 के तहत केस दर्ज कर काली नंद गिरी को गिरफ्तार किया। कोर्ट ने उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

हालांकि, काली नंद गिरी की पहचान, जेंडर चेंज और पुराने मामलों से जुड़े कई दावे शिकायतकर्ताओं और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। इनकी अंतिम पुष्टि संबंधित पुलिस, मेडिकल और न्यायालयीन रिकॉर्ड से ही होगी।

पहले पुरुष, फिर जेंडर चेंज... ‘लेडी अघोरी’ के नाम से बनाई पहचान तांत्रिक विष्णुनाथ महाराज का दावा है कि काली नंद गिरी की पहले पहचान अल्लूरी श्रीनिवास के नाम से थी। उनका कहना है कि वह जन्म से किन्नर नहीं थी। बाद में जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी के बाद उसने किन्नर के रूप में पहचान बनानी शुरू की।

इसके बाद वह काली नंद गिरी के नाम से सामने आई और खुद को अघोरी साधिका के रूप में प्रस्तुत करने लगी। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सोशल मीडिया के जरिए उसे ‘लेडी अघोरी’ के नाम से पहचान मिली। मंदिरों और धार्मिक स्थलों से जुड़े VIDEO, साधना और सनातन धर्म से जुड़े बयानों के कारण वह चर्चा में आई।

उसके पहनावे और साधना से जुड़े VIDEO सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे। लेकिन इसी दौरान उसकी निजी जिंदगी और पहचान को लेकर कई विवाद भी सामने आए। छात्रा से शादी का VIDEO हुआ था वायरल 2025 में काली नंद गिरी और वर्षिणी नाम की युवती से जुड़ा मामला तेलंगाना में चर्चा में आया था।

दोनों की शादी से जुड़े VIDEO और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों ने मध्यप्रदेश के एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी। शादी के दौरान वरमाला पहनाने, मंगलसूत्र और अन्य रस्मों के साथ सात फेरे लेने जैसे दृश्य VIDEO में दिखाई देने की बात सामने आई थी।

शादी के बाद वर्षिणी ने काली नंद गिरी पर गंभीर आरोप लगाए थे। वर्षिणी के मुताबिक, वह इस रिश्ते के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थी। उसने आरोप लगाया था कि उस पर शादी के लिए दबाव बनाया गया और उसे धमकी भी दी गई।

वर्षिणी ने यह भी कहा था कि वह शुरुआत में आध्यात्मिक ज्ञान और अघोरी साधना के बारे में जानने के उद्देश्य से काली नंद गिरी के संपर्क में आई थी। बाद में उसे काली नंद गिरी की कही कई बातों पर संदेह हुआ। इन आरोपों को लेकर पुलिस में शिकायत किए जाने की बात सामने आई थी।

शादी से पहले भी एक युवती ने लगाया था शादी का आरोप काली नंद गिरी का नाम शादी को लेकर पहली बार विवाद में नहीं आया था। अप्रैल 2025 की मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एक अन्य युवती ने दावा किया था कि उसने 1 जनवरी को अल्लूरी श्रीनिवास से शादी की थी।

युवती का आरोप था कि शादी के करीब 12 दिन बाद ही श्रीनिवास ने वर्षिणी से भी शादी कर ली। इस मामले को लेकर युवती ने पुलिस से शिकायत और कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर काली नंद गिरी की पहचान और निजी जिंदगी को लेकर कई तरह के दावे सामने आए।

तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर 10 लाख रुपए लेने का आरोप काली नंद गिरी उर्फ अल्लूरी श्रीनिवास पर तेलंगाना में ठगी का मामला सामने आने का भी दावा किया गया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एक महिला फिल्म निर्माता ने पुलिस में शिकायत की थी कि परिवार को बुरी शक्तियों से बचाने और तांत्रिक अनुष्ठान करने के नाम पर उससे करीब 10 लाख रुपए लिए गए। महिला का आरोप था कि पैसे वापस मांगने पर उसे धमकी दी गई।

रिपोर्टों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद तेलंगाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज की मदद से काली नंद गिरी को ट्रेस किया। इसके बाद अप्रैल 2025 में उत्तर प्रदेश से गिरफ्तारी किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

पुलिस कार्रवाई के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की बात भी मीडिया रिपोर्टों में कही गई थी। मेडिकल जांच को लेकर भी सामने आई थी रिपोर्ट काली नंद गिरी की गिरफ्तारी के बाद उसकी मेडिकल जांच को लेकर भी मीडिया रिपोर्ट सामने आई थीं।

रिपोर्टों में दावा किया गया था कि सरकारी अस्पताल में हुई मेडिकल जांच में उसका मूल नाम श्रीनिवास बताया गया और पूर्व में जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी होने की जानकारी सामने आई। हालांकि, इस मेडिकल रिपोर्ट की मूल प्रति या आधिकारिक दस्तावेज इस मामले में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।

इसलिए इस जानकारी को फिलहाल मीडिया रिपोर्ट में किए गए दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अब देखिए वह वीडियो जिससे काली नंद गिरी चर्चा में आई... सोशल मीडिया पर वायरल VIDEO में काली नंद गिरी श्मशान में जलती चिता के पास दिखाई देती है। उसके हाथ में तलवार है।

VIDEO में वह कथित तौर पर चिता से शव के टुकड़े निकालकर खाने का दावा करती दिखाई देती है। VIDEO में वह मानव मांस खाने की बात करती है और लोगों को उससे बचकर रहने की चेतावनी देती नजर आती है। बताया जा रहा है कि यह VIDEO उसके इंस्टाग्राम अकाउंट digambarladyaghorinagasadhvi से शेयर किया गया था।

वायरल होने के बाद VIDEO को अकाउंट से हटा दिया गया। VIDEO सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर आपत्ति जताई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने FIR दर्ज की, कोर्ट ने 15 दिन की हिरासत में भेजा जीवाजीगंज थाना CSP पुष्पा प्रजापति के मुताबिक, मानव अंग खाने से संबंधित VIDEO वायरल होने के बाद विष्णुनाथ महाराज ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में इंस्टाग्राम पर वायरल VIDEO का हवाला देते हुए काली नंद गिरी पर शव के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया था।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर BNS की धारा 301 के तहत FIR दर्ज की। इसके बाद काली नंद गिरी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

श्मशान में प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग काली नंद गिरी की गिरफ्तारी के बाद शिकायतकर्ता विष्णुनाथ महाराज ने उसके श्मशान में आने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि श्मशान अंतिम संस्कार और साधना का स्थान है। यहां इस तरह के VIDEO बनाकर सोशल मीडिया पर डालने से श्मशान की व्यवस्था और माहौल प्रभावित होता है।

ये खबर भी पढ़ें... अघोरी बोली- औकात में रहना, मारने को भी रेडी हूं उज्जैन में जलती चिता से मानव मांस निकालकर खाने वाली किन्नर अघोरी काली उर्फ नंद गिरि के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच की। नंद गिरि के खिलाफ शव के साथ छेड़छाड़ के आरोप में केस दर्ज किया गया है।

आरोपी पुलिस हिरासत में है।पूरी खबर पढ़ें

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।