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पूर्व कांग्रेस विधायक के ठिकानों पर ED का छापा:तेंदूखेड़ा-देवरी में रिकॉर्ड खंगाले जा रहे; फर्जी टोल वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्शन

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 2 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पूर्व कांग्रेस विधायक के ठिकानों पर ED का छापा:तेंदूखेड़ा-देवरी में रिकॉर्ड खंगाले जा रहे; फर्जी टोल वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्शन

NHAI के अलग-अलग टोल प्लाजा पर फर्जी टोल वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। ED ने बुधवार को PMLA की धारा-17 के तहत एक साथ 14 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।

इसी सिलसिले में दिल्ली से आई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने तेंदूखेड़ा से पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा के नरसिंहपुर हाईवे स्थित कार्यालय पर छापेमारी की। जानकारी के अनुसार, करीब आधा दर्जन गाड़ियों से पहुंची टीम ने जिले में उनके अलग-अलग कार्यालयों में जांच शुरू की है।

बताया जा रहा है कि ED की टीम तेंदूखेड़ा और देवरी स्थित कार्यालयों में भी पहुंची है। अधिकारी कार्यालय के अंदर दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय फर्जी टोल वसूली मामले में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू, मध्य प्रदेश, NCR और कोलकाता स्थित परिसरों पर तलाशी ले रहा है।

नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा हाईवे के टोल में गड़बड़ी का आरोप ED की छापेमारी में नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा नेशनल हाईवे पर टोल वसूली में गड़बड़ी सामने आने की जानकारी है। बताया जा रहा है कि इस मार्ग की टोल वसूली का काम संजय शर्मा की कंपनी के पास है। संजय शर्मा कांग्रेस से विधायक रहे हैं।

ED ने NHAI के टोल प्लाजा पर फर्जी टोल वसूली और रकम की हेराफेरी के मामले में कार्रवाई शुरू की है। जांच एजेंसी के मुताबिक, टोल वसूली में अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर फर्जी टोल रसीदें तैयार की जा रही थीं।

आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए टोल से वसूली गई रकम को NHAI के आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम से बाहर डायवर्ट किया गया। फॉरेंसिक परीक्षण और NHAI के रिकॉर्ड की जांच में अनधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की पुष्टि होने की बात ED ने कही है।

एमपी-यूपी समेत कई राज्यों में ईडी की सर्चिंग ED की टीमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, NCR और कोलकाता समेत कई स्थानों पर परिसरों की तलाशी ले रही हैं। कार्रवाई PMLA की धारा 17 के तहत की जा रही है।

तलाशी का मकसद फर्जीवाड़े से जुड़े डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाना, नेटवर्क से जुड़े लाभार्थियों की पहचान करना और अपराध से अर्जित रकम का पता लगाना है। ED कथित फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है। FIR और ECIR के आधार पर जांच यह जांच 22 जनवरी 2025 की

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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