राजनीति

पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया पंचतत्व में विलीन, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया पंचतत्व में विलीन, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

राजकीय सम्मान को लेकर उठा विवाद, सुधीर शर्मा ने सरकार पर साधा निशाना

सितंबर 30, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): पूर्व मंत्री और पांच बार के विधायक मेजर विजय सिंह मनकोटिया का आज उनके पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे। मेजर मनकोटिया के निधन से कांगड़ा की राजनीति में शोक की लहर है।

नेताओं ने उन्हें बेबाक और कद्दावर नेता बताते हुए श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार के दौरान पूर्व विधायक सुधीर शर्मा ने मेजर मनकोटिया को राजकीय सम्मान के साथ विदाई नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पांच बार के विधायक और पूर्व मंत्री रहे मेजर मनकोटिया जैसे वरिष्ठ नेता को उचित राजकीय सम्मान मिलना चाहिए था।

उन्होंने इसे सरकार और प्रशासन की ओर से दुखद लापरवाही करार दिया। वहीं, कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी ने मेजर मनकोटिया के निधन को हिमाचल और विशेषकर कांगड़ा की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि मेजर मनकोटिया हमेशा हिमाचल और कांगड़ा के हितों की आवाज उठाते रहे। जग्गी ने कहा कि उनके लंबे राजनीतिक जीवन में भ्रष्टाचार का कोई दाग नहीं लगा और ऐसे नेता बहुत कम देखने को मिलते हैं।

हालांकि, राजकीय सम्मान को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि श्मशान घाट जैसी जगह पर आरोप-प्रत्यारोप करना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से एसडीएम, चेयरमैन और अन्य अधिकारी सरकार के प्रतिनिधि के रूप में अंतिम संस्कार में मौजूद रहे।कांगड़ा के विधायक पवन काजल ने मेजर मनकोटिया के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे हिमाचल प्रदेश और विशेषकर कांगड़ा की एक बुलंद आवाज थे।

उन्होंने पांच बार विधायक और दो बार मंत्री के रूप में जनता की सेवा की तथा हमेशा निडर और बेबाक तरीके से लोगों की आवाज उठाई। काजल ने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन स्वच्छ रहा और राजनीति में उनकी अपनी अलग पहचान थी। पूर्व मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि मेजर मनकोटिया के जाने से शाहपुर और पूरे हिमाचल प्रदेश को ऐसी कमी हुई है, जिसे भरना मुश्किल है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद दोनों के बीच हमेशा आपसी सम्मान और सद्भावना रही। नूरपुर के विधायक रणवीर सिंह निक्का ने भी मेजर मनकोटिया को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने कांगड़ा और हिमाचल की लंबे समय तक सेवा की। उन्होंने उन्हें स्वच्छ छवि, बेबाक व्यक्तित्व और मजबूत नेतृत्व वाला नेता बताया।

निक्का ने कहा कि उनकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती और उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। सभी नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। उधर, कांगड़ा की एसडीएम डॉ. अंजलि गर्ग ने राजकीय सम्मान को लेकर प्रशासन का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि पूर्ण राजकीय सम्मान के लिए राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर राजकीय अंतिम संस्कार के निर्देश जारी होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को ऐसा कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ था। हालांकि, प्रशासन की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।

बाईट: सुधीर शर्मा, पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक, धर्मशाला

बाईट: सरवीण चौधरी, पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता

बाईट: पवन काजल, विधायक, कांगड़ा बाईट: रणवीर सिंह निक्का, विधायक, नूरपुर

बाईट: देवेंद्र जग्गी, कांग्रेस नेता, धर्मशाला

बाईट: डॉ. अंजली गर्ग, एसडीएम, कांगड़ा

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।