राजनीति

पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खण्डूड़ी को दी गई श्रद्धांजलि

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खण्डूड़ी को दी गई श्रद्धांजलि

27 अक्तूबर 2026, चमोली (भराड़ीसैंण): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खण्डूड़ी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय खण्डूड़ी एक अनुशासित सैनिक, समर्पित जनसेवक और कुशल प्रशासक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया। उनका जीवन सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जीवन में जो भी जिम्मेदारी संभाली, उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया। उच्च पदों पर रहते हुए भी उन्होंने कभी अपने मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय खण्डूड़ी ने संसद में उत्तराखण्ड की आकांक्षाओं और पृथक राज्य की मांग को मजबूती से उठाया। जिससे उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन को नई गति और वैचारिक मजबूती मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और अनुशासित शासन की मिसाल पेश की। प्रदेश में मजबूत लोकायुक्त व्यवस्था की दिशा में उनकी पहल भ्रष्टाचार के विरुद्ध उनके सख्त रुख और स्वच्छ प्रशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उनका मानना था कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 मई 2026 को 91 वर्ष की आयु में खण्डूड़ी जी का निधन प्रदेश और राष्ट्र के सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके जाने से वास्तव में एक युग का अंत हुआ है। महान व्यक्तित्व अपने कार्यों और आदर्शों के माध्यम से वे सदैव जनमानस के हृदय में जीवित रहेंगे।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भुवन चन्द्र खण्डूड़ी, पूर्व मुख्यमंत्री, का निधन हुआ और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। यह विषय राजनीतिक नेता की मृत्यु और सम्मान से संबंधित है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि खण्डूड़ी ने अपने करियर में समाज सेवा और प्रशासनिक सुधारों में योगदान दिया, जिससे उनकी यादें और मूल्य जनता के लिए प्रेरणा बनती हैं। आम जनता पर इसका असर मनोबल बढ़ाने और समाज में सेवा भावना को प्रोत्साहित करने के रूप में हो सकता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।