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पूर्वी चम्पारण: डीएम ने स्कूल में बच्चों को पढ़ाया गणित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 15 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पूर्वी चम्पारण: डीएम ने स्कूल में बच्चों को पढ़ाया गणित

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पूर्वी चम्पारण: डीएम ने स्कूल में बच्चों को पढ़ाया गणित

पूर्वी चंपारण के अरेराज में डीएम सौरभ सुमन यादव ने मॉडल स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को गणित और भाषाएं पढ़ाई, जिसे देख छात्र उत्साहित दिखे।

15 सितंबर , मलाही ( पूर्वी चम्पारण, बिहार) : पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज प्रखंड अंतर्गत सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), मलाही में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में चल रहे पठन-पाठन का जायजा लिया और 'शिक्षा साथी' ऐप के उपयोग की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने बच्चों से सीधा संवाद (इंटरेक्शन) भी किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नौवीं कक्षा के बच्चों को करीब एक घंटे तक गणित पढ़ाई। पढ़ाई के दौरान उन्होंने बच्चों से गणित के कुछ कठिन और गूढ़ प्रश्न हल करवाए, जिसे बच्चों ने बहुत ही सटीक तरीके से हल किया। इसके अलावा, जिलाधिकारी ने हिंदी और अंग्रेजी विषयों के अध्यापन का भी जायजा लिया और खुद बच्चों को पढ़ाया।

एक प्रशासनिक अधिकारी को शिक्षक के रूप में अपने बीच पाकर बच्चों में उत्सुकता और उत्साह का माहौल चरम पर था। क्लास खत्म होने के बाद बच्चों ने बड़े ही विनम्र आग्रह के साथ जिलाधिकारी से पूछा, "सर, आप अगली बार कब आएंगे? हम लोग आपकी प्रतीक्षा करेंगे।"

बच्चों के इस स्नेह और आग्रह को स्वीकार करते हुए जिलाधिकारी ने मुस्कुराकर कहा कि अगली बार जब भी वे इस क्षेत्र में आएंगे, तो पुनः उनके बीच आकर जरूर जुड़ेंगे।

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Caption : पूर्वी चंपारण के अरेराज में डीएम सौरभ सुमन यादव ने मॉडल स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को गणित और भाषाएं पढ़ाई, जिसे देख छात्र उत्साहित दिखे।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

पूर्वी चम्पारण के अरेराज में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने मॉडल स्कूल का निरीक्षण करते हुए बच्चों को गणित और भाषाएँ पढ़ाई। यह घटना शिक्षा क्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारी के सक्रिय हस्तक्षेप को दर्शाती है, जिससे स्कूलों में शिक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है। ऐसी पहल से छात्रों में विषय के प्रति रुचि बढ़ती है और शिक्षकों को प्रेरणा मिलती है। जनता के लिए यह दिखाता है कि शिक्षा पर शासन का ध्यान है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और भविष्य के लिए बेहतर तैयारी संभव होती है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।