रबी बुवाई को लेकर खेतों तक पहुंचेगा कृषि विभाग
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डीडवाना-कुचामन जिले में रबी बुवाई को लेकर कृषि विभाग ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। अधिकारियों को किसानों से सीधा संपर्क कर बुवाई, बीज, खाद और खेत की तैयारी को लेकर तकनीकी सलाह देने के निर्देश दिए गए हैं।
डीडवाना-कुचामन, 7 अक्टूबर। रबी फसल की बुवाई को लेकर कृषि विभाग ने किसानों को जागरूक करने का अभियान शुरू किया है। सरकार के निर्देश पर जिले में कृषि विभाग के अधिकारी खेतों तक पहुंचकर किसानों को बुवाई के उचित समय, खेत की तैयारी, बीज, खाद एवं उर्वरक की उपलब्धता और बेहतर उत्पादन के लिए कृषि विभाग कार्यालय में जिले के विभिन्न उपखंडों से आए सहायक कृषि अधिकारियों और कृषि पर्यवेक्षकों की जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला एवं बैठक आयोजित की गई।
कार्यशाला में कृषि सलाह उपलब्ध कराएं। विभाग का उद्देश्य समय पर तकनीकी मार्गदर्शन देकर डॉ. प्रभुदयाल चौधरी ने बताया कि आगामी 15 अक्टूबर से रबी फसलों की बुवाई को लेकर किसानों को विशेष रूप से जागरूक किया जाएगा। साथ ही किसानों की जरूरत के अनुसार जरूरी कृषि तकनीक की जानकारी देंगे।
इसी कड़ी में कुचामन सिटी स्थित कृषि विभाग कार्यालय में जिले के विभिन्न उपखंडों से आए सहायक कृषि अधिकारियों और कृषि पर्यवेक्षकों की जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला एवं बैठक आयोजित की गई। कार्यशाला में कृषि अधिकारियों ने रबी फसल बुवाई 2026 के लक्ष्यों को लेकर अधिकारियों से फीडबैक लिया।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे कार्यालय तक सीमित न रहकर फील्ड में जाकर किसानों से सीधा संवाद करें और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उन्हें उचित कृषि सलाह उपलब्ध कराएं। विभाग का उद्देश्य समय पर तकनीकी मार्गदर्शन देकर रबी फसलों की बेहतर पैदावार सुनिश्चित करना है।
कृषि अधिकारी डॉ. प्रभुदयाल चौधरी ने बताया कि आगामी 15 अक्टूबर से रबी फसलों की बुवाई को लेकर किसानों को विशेष रूप से जागरूक किया जाएगा। साथ ही किसानों की जरूरत के अनुसार खाद और उर्वरक की उपलब्धता तथा उनके वितरण की व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष कम बारिश को देखते हुए किसानों को खेत की उचित तैयारी के बाद ही बुवाई करने की सलाह दी जा रही है। जहां जरूरत हो, वहां गहरी जुताई कर मिट्टी में मौजूद नमी का बेहतर उपयोग करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
वहीं, जिले में खरीफ फसलों की कटाई का काम भी तेज हो गया है। खेतों में किसान फसल काटने के साथ थ्रेसर के जरिए अनाज अलग करने में जुटे हुए हैं। कई जगह परिवार के सदस्य भी फसल समेटने में किसानों का सहयोग कर रहे हैं।
थ्रेसिंग के बाद किसान उपज को सुरक्षित रखने की तैयारी में जुटे हैं। किसानों के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई महीनों की मेहनत के बाद तैयार हुई फसल को सुरक्षित खेत से खलिहान और फिर घर तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। मौसम में बदलाव की संभावना को देखते हुए किसान जल्द से जल्द उपज को सुरक्षित करने में जुटे हैं।
किसान परसाराम ने बताया कि फसल तैयार होने के बाद उसे सुरक्षित घर तक पहुंचाना किसानों के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसानों की उम्मीद है कि मौसम अनुकूल रहे और उनकी मेहनत से तैयार हुई फसल सुरक्षित घर तक पहुंचे।
वहीं किसानों ने सरकार से सभी प्रमुख फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
बाइट 01: डॉ. प्रभुदयाल चौधरी, कृषि अधिकारी
बाइट 02: परसाराम, किसान