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राहत कार्यों में मुस्तैदी की मिसाल बने उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार पहुंचकर संभाला मोर्चा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
राहत कार्यों में मुस्तैदी की मिसाल बने उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार पहुंचकर संभाला मोर्चा

सिलपरी, खौर और लक्ष्मणपुर सहित कई गांवों का दौरा; ग्रामीणों से सीधे संवाद कर राहत-बचाव, सर्वे और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति जानी

रीवा, 27 अगस्त 2026। रीवा जिले में बाढ़ और जलभराव की स्थिति के बीच उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने सिलपरी, खौर और लक्ष्मणपुर सहित कई गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं।

समस्याएं सुनते उपमुख्यमंत्री
समस्याएं सुनते उपमुख्यमंत्री
समस्याएं सुनते उपमुख्यमंत्री
समस्याएं सुनते उपमुख्यमंत्री

उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ बैठकर बाढ़ से हुए नुकसान, राहत-बचाव कार्यों और प्रभावित परिवारों के सर्वे की स्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ से उत्पन्न परेशानियों से उन्हें अवगत कराया। श्री शुक्ल ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में शासन और प्रशासन पूरी तरह जनता के साथ खड़ा है और बाढ़ प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक आवश्यक सहायता पहुंचाई जाएगी। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी बनाए रखने तथा प्रभावित परिवारों के सर्वे को संवेदनशीलता के साथ पूरा करने पर जोर दिया।

राहत के साथ बुनियादी सुविधाओं पर भी नजर

ग्रामीणों से संवाद के दौरान उप मुख्यमंत्री ने पेयजल, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता बाधित न हो और ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।

श्री शुक्ल ने ग्रामीणों के आवेदन और शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने को कहा।

बाढ़ के बीच उप मुख्यमंत्री का लगातार प्रभावित गांवों तक पहुंचना और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर राहत कार्यों की जानकारी लेना प्रशासनिक सक्रियता के साथ-साथ संकट की घड़ी में जनता के बीच मौजूद रहने की उनकी कार्यशैली को भी दर्शाता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।