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राहुल गांधी ने बड़वानी की प्रियंका को दिल्ली बुलाया:'छात्रों की गूंज' में दिया था इलाज का भरोसा, बोलीं- वर्षों की उम्मीद पूरी होगी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 22 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
राहुल गांधी ने बड़वानी की प्रियंका को दिल्ली बुलाया:'छात्रों की गूंज' में दिया था इलाज का भरोसा, बोलीं- वर्षों की उम्मीद पूरी होगी

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की प्रियंका सेंगर की आंख के इलाज के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की टीम ने संपर्क किया है। इंदौर में 19 सितंबर को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने प्रियंका से मंच पर बातचीत की थी। इस दौरान राहुल की नजर उसकी आंख पर गई। पूछा तो प्रियंका ने बताया कि 3 साल की उम्र में उसकी आंख में चूना चला गया था, जिससे आंख खराब हो गई।

तब से एक आंख से बिल्कुल दिखाई नहीं देता है। 12वीं कक्षा के दौरान बड़ौदा में उसकी आंख का एक ऑपरेशन हुआ था। डॉक्टरों ने इसके बाद एक और ऑपरेशन की जरूरत बताई थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण आगे का इलाज नहीं हो सका। राहुल गांधी ने मंच से प्रियंका के इलाज का भरोसा दिया था।

अब उनकी टीम ने प्रियंका के परिवार से संपर्क किया है। टीम की ओर से उसे जल्द इलाज के लिए दिल्ली बुलाने की बात कही गई है। बता दें, प्रियंका सेंधवा तहसील के पाडछा गांव की रहने वाली हैं। दिल्ली से आया फोन, पटवारी ने पिता से की चर्चा दैनिक भास्कर से बातचीत में प्रियंका ने बताया कि इंदौर के कार्यक्रम के बाद दिल्ली से राहुल गांधी की टीम की एक महिला का फोन आया था।

उन्होंने इलाज के लिए दिल्ली आने की बात कही। इसके बाद जिले के समाजसेवी सरदार नरगावे और विधायक विक्रांत भूरिया की ओर से भी फोन आया। इसी बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रियंका को मिलने के लिए बुलाया। पटवारी ने उसके पिता से फोन पर आंखों के इलाज और परिवार की परिस्थितियों को लेकर चर्चा की।

पिता किसान, तीन एकड़ जमीन...

लेकिन पानी नहीं प्रियंका के पिता उदय सिंह सेंगर किसान हैं। परिवार के पास करीब तीन एकड़ जमीन है, लेकिन सिंचाई के लिए पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण खेती से भी नियमित आमदनी नहीं हो पाती। ऐसे में बेटी के इलाज का खर्च उठाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती रहा। एक बार बड़ौदा में ऑपरेशन कराने के बाद आगे का इलाज आर्थिक कारणों से रुक गया था।

सालों का सपना था, अब पूरा होने की उम्मीद प्रियंका ने कहा कि इतने सालों बाद उसकी उम्मीद पूरी होने जा रही है। वह चाहती है कि इलाज के बाद वह भी सामान्य लोगों की तरह देख सके। इतने सालों बाद मेरी उम्मीद पूरी हो रही है। सालों से सपना था कि मैं भी सामान्य लोगों की तरह देख पाऊं। अब वह सपना पूरा होने की उम्मीद है।

यूजीसी नेट की कर रही तैयारी प्रियंका फिलहाल इंदौर में रहकर यूजीसी-नेट की तैयारी कर रही है। आंखों की समस्या के बावजूद उसने पढ़ाई जारी रखी है और आगे की पढ़ाई को लेकर भी उसके सपने हैं। अब प्रियंका और उसके परिवार को दिल्ली में होने वाले इलाज का इंतजार है। परिवार के लिए यह सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि वर्षों से अधूरी पड़ी उस उम्मीद को पूरा करने का मौका है, जिसके सहारे प्रियंका सामान्य जिंदगी और पढ़ाई के अपने सपने को आगे बढ़ाना चाहती है।

राहुल गांधी के सामने रखी थी हॉस्टल की समस्या प्रियंका सेंगर ने 19 सितंबर को इंदौर में रीजनल पार्क के सामने आईडीए के मैदान में राहुल गांधी से संवाद किया था। प्रियंका ने आदिवासी क्षेत्रों और बड़े शहरों में संचालित सरकारी हॉस्टलों में सीटों की कमी, भोजन और अन्य सुविधाओं की समस्याएं बताईं।

उन्होंने हॉस्टलों की संख्या और सीटें बढ़ाने की मांग रखी। कार्यक्रम में छात्रों से शिक्षा और रोजगार सहित कई मुद्दों पर संवाद हुआ। प्रियंका ने राहुल गांधी को बताया कि बताया कि उन्होंने कक्षा 1 से 12वीं तक सरकारी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई की है। उनके अनुसार, कई बार हॉस्टल में भोजन की व्यवस्था ठीक नहीं रहती थी।

ऐसे समय में उन्हें घर से लाई लाल मिर्च की चटनी के साथ रोटी खाकर गुजारा करना पड़ता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हॉस्टल में छात्राओं से वार्डन द्वारा काम करवाया जाता था। प्रियंका ने बताया था कि 12वीं के बाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए सरकारी हॉस्टल नहीं मिलने पर छात्राओं को किराए के कमरों में रहना पड़ता है।

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📡 स्रोत: NewsData.io

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