राहुल गांधी के बालाघाट दौरे पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का पलटवार, बोले—नक्सलवाद खत्म कर अब आदिवासी क्षेत्रों में पहुंचा रहे स्वास्थ्य और विकास की सुविधाएं
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भोपाल/बालाघाट। बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दौरे के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने प्रभावित आदिवासी परिवारों से मुलाकात कर स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, वनाधिकार और मनरेगा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। इसके जवाब में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि राहुल गांधी को बालाघाट की मौजूदा स्थिति और वहां किए जा रहे विकास कार्यों की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहे इस क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त होने के बाद सरकार अब बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर तेजी से काम कर रही है।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि राहुल गांधी बालाघाट आकर वही बातें कह गए, जिसकी उम्मीद थी। उनके अनुसार राहुल गांधी को स्थानीय कांग्रेस नेताओं द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर बयान देने के बजाय क्षेत्र में सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों और योजनाओं की वास्तविक स्थिति को भी देखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बालाघाट और आसपास का क्षेत्र लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा। शुक्ल ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान वर्ष 2004 से 2014 के बीच देश में नक्सलवाद के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1999 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन गृह मंत्री स्वर्गीय लिखीराम कावरे की नक्सलियों द्वारा हत्या की घटना भी इस क्षेत्र की गंभीर स्थिति को दर्शाती है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई क्षेत्र लंबे समय तक नक्सलवाद की चपेट में रहा हो, तो वहां शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 में नक्सलवाद समाप्त होने के बाद अब सरकार का लक्ष्य इस क्षेत्र के जनजीवन को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ किए गए प्रयासों के बाद अब उन क्षेत्रों में विकास और जनसुविधाओं के विस्तार का रास्ता खुला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से अति पिछड़ी जनजातियों बैगा, सहरिया और भारिया तक विभिन्न सुविधाएं पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिन इलाकों में कभी नक्सल गतिविधियों का प्रभाव था, वहां अब मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं और 4G तथा 5G कनेक्टिविटी पहुंचाई जा रही है। सड़कों का निर्माण, अस्पतालों की सुविधाओं का विस्तार और आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या बढ़ाने का काम किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट में हुई बच्चों की मौत की घटना दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। सरकार इस घटना को गंभीरता से ले रही है, लेकिन इसके साथ ही नक्सलवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का काम भी लगातार जारी है।
उन्होंने बताया कि लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहे दो विकासखंडों में 45 हजार से अधिक लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जा चुकी है। शुक्ल के अनुसार, इन क्षेत्रों में इस स्तर पर स्वास्थ्य स्क्रीनिंग पहली बार की गई है। महिलाओं और बच्चों के लिए नए आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए हैं तथा 10 नए उप-स्वास्थ्य केंद्र भी शुरू किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन कर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में परिवर्तित किया गया है और 20-बेड वाले अस्पतालों की सुविधा विकसित की गई है। इसके साथ ही मेडिकल मोबाइल यूनिट के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।
राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उनके अनुसार, दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, ग्रामीण विकास और दूरसंचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि वे वास्तव में क्षेत्र की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें उन प्रयासों का भी उल्लेख करना चाहिए जिनके माध्यम से बालाघाट को नक्सलवाद से मुक्त कर विकास की दिशा में आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान करने के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने लाड़ली बहना योजना में मिलने वाली राशि का उल्लेख किया, लेकिन उन्हें मध्य प्रदेश में बैगा, भारिया और सहरिया जैसी अति पिछड़ी जनजातियों के लिए संचालित आहार अनुदान योजना की जानकारी भी होनी चाहिए। शुक्ल के अनुसार, इस योजना के तहत महिला मुखिया को प्रतिमाह 1,500 रुपये दिए जाते हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी यह भी बता रहे हैं कि कांग्रेस की सरकार आने पर इन योजनाओं को शुरू किया जाएगा, जबकि कांग्रेस लंबे समय तक मध्य प्रदेश में सत्ता में रही है। उन्होंने कहा कि 2003 से पहले के मध्य प्रदेश को जनता ने देखा है और उस दौर में राज्य को बीमारू राज्य के रूप में जाना जाता था।
राजेंद्र शुक्ल ने राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के समय को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि घटना के बाद प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, स्वयं वे, प्रभारी मंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री ने तत्काल आवश्यक कदम उठाए। चार ब्लॉक महिला विकास अधिकारियों की पदस्थापना की गई और 14 आंगनबाड़ी केंद्रों की तत्काल घोषणा की गई।
उन्होंने कहा कि सरकार की संवेदनशीलता का आकलन उसके द्वारा किए गए तत्काल प्रयासों से किया जा सकता है। शुक्ल ने राहुल गांधी के करीब ढाई से तीन महीने बाद क्षेत्र में पहुंचने को लेकर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक दौरे के रूप में देखा और कहा कि यदि वे समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर होते तो पहले ही प्रभावित क्षेत्र में पहुंचते।
लोकसभा में मुद्दा उठाने के राहुल गांधी के बयान पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्हें अपनी भूमिका सकारात्मक तरीके से निभानी चाहिए। उन्होंने लोकसभा में चर्चा और बहस को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए।
राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि नक्सलवाद और आतंकवाद जैसी गंभीर चुनौतियों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार ने कठोर कदम उठाए हैं। उन्होंने अनुच्छेद 370, 35A, नागरिकता संशोधन कानून, समान नागरिक संहिता, घुसपैठियों और शरणार्थियों से जुड़े विषयों का भी उल्लेख किया और कहा कि भाजपा सरकार विकास के साथ इन मुद्दों पर भी काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लंबे शासन के दौरान मध्य प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था, जबकि आज राज्य कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। शुक्ल के अनुसार, सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, ग्रामीण विकास और दूरसंचार जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट में नक्सलवाद की चुनौती से बाहर निकलने के बाद अब सरकार का ध्यान वहां के नागरिकों के जीवन में स्थायी सुधार लाने पर है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, आंगनबाड़ी केंद्रों, मोबाइल मेडिकल यूनिट, सड़क, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम जारी रहेगा।
उन्होंने राहुल गांधी के दौरे को लेकर कहा कि बालाघाट की समस्याओं पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों और उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा भी जरूरी है। सरकार का प्रयास है कि नक्सलवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में विकास की गति तेज हो और स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार तथा अन्य जरूरी सुविधाओं का लाभ दूरस्थ गांवों तक पहुंचे।